बाबूगढ़। थाना क्षेत्र के गांव उपैड़ा में एक व्यक्ति ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर दादा के नाम से फर्जी वसीयत बनवाकर अपने परिवार के लोगों के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर कर दिया। जांच के बाद वसीयत पर नौटेरी अधिवक्ता की मुहर भी फर्जी पाई गई थी। अब न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
गांव उपैड़ा निवासी सुधांशु सिंह ने बताया कि उनके पिता सुरेंद्र सिंह के पांच भाई हैं। जिनमें महेंद्र सिंह, इंद्रजीत सिंह, बिजेंद्र सिंह व श्रीकिशन हैं। उनके दादा निरंजन सिंह ने वर्ष 1992 में सभी पुत्रों की शादी कर अलग-अलग कृषि भूमि व आवासीय निवास के लिए अपनी समस्त संपत्ति का बंटवारा कर दिया था। उनके चाचा महेंद्र सिंह का पुत्र अनिल कुमार वर्ष 2020 से उनके व उनके पिता के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर उन्हें परेशान करता चला आ रहा है। आरोपी ने 16 जनवरी 1997 में फर्जी दस्तावेज के आधार पर वसीयत बनवा ली थी। आरोपी की उस समय आयु 16 वर्ष थी। आरोपी ने आवासीय संपत्ति हड़पने के उद्देश्य से फर्जी वसीयत को असली दर्शाकर उनके, उनके पिता व पिता के भाईयों के खिलाफ न्यायालय में वाद भी दायर कर दिया था। न्यायालय से समन आने के बाद उन्हें इसकी जानकारी हुई थी। उनके पिता द्वारा आरटीआई के माध्यम से सूचना मांगने पर नौटेरी अधिवक्ता की मुहर फर्जी पाई गई थी। पुलिस ने शिकायत करने पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद न्यायालय की शरण में पहुंचे। सीओ जितेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर अनिल कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच में दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।