विकास कार्यों और निर्माण में होने वाली धांधली नियंत्रण में अब नया एप महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विकास कार्य और शौचालय निर्माण आदि के फोटोग्राफ में एक विशेष एप से लोकेशन भी साथ में दर्ज होगी।
इससे अब एक ही स्थान के फोटो लगाकर कई जगह दिखाने की धांधली नहीं की जा सकेगी। विकास कार्यों में सबसे बड़ी धांधली इनके सत्यापन के दौरान की जाती थी। किसी दूसरे स्थान के विकास कार्यों के फोटो को अलग स्थान का दिखाकर सरकार से मिलने वाले बजट को हड़प लिया जाता था।
मान लिया जाए किसी गांव में खड़ंजा या शौचालय का निर्माण होता था तो अधिकारी सत्यापन के दौरान किसी दूसरे गांव या स्थान का फोटो खींचकर रिकार्ड में लगाकर सत्यापन कर देते थे। अब यह संभव नहीं होगा।
सरकार द्वारा एक विशेष एप तैयार किया गया है। यह एप जीपीएस से जुड़ा है। ऐसे में विकास कार्य का इस एप के माध्यम से फोटो लेने पर यह लॉगीट्यूड व लेटीट्यूड के हिसाब से सही लोकेशन फोटो के साथ रिकार्ड कर स्पष्ट करेगा।
इतना ही नहीं कोई सड़क कितनी लंबी बनाई गई है, इसकी भी जानकारी एक देगा। ऐसे में निर्मित सड़क की अधिक दूरी बताकर विकास की धनराशि हड़पना भी आसान नहीं होगा।
गांवों में हो रहे शौचालय निर्माण और दूसरे सड़क निर्माण कार्यों को लेकर इस एप के प्रयोग से भ्रष्टाचार पर काफी हद तक नकेल कस जाएगी है। डीपीआरओ रेनू श्रीवास्तव ने बताया कि सत्यापन के मामले में यह एप काफी कारगर सिद्ध हुआ है। इससे कार्य में काफी पारदर्शिता आई है।