भारत सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून बनाने के साथ गरीबों को दो रुपये किलो गेहूं और तीन रुपये किलो चावल दिये जाने की व्यवस्था तो की लेकिन अब एपीएल राशन कार्ड धारकों को सस्ते गल्ले की दुकान से ख्राद्यान्न बिल्कुल नहीं मिलेगा। हां दो लीटर मिट्टी का तेल जरूर मिलेगा।
हापुड़ जिले में मार्च तक बने एनएफएसए के राशन कार्ड पर जुलाई से खाद्यान्न मिलेगा। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून लागू होने से पहले तक सभी कार्डो पर गेहूं और चावल सभी नागरिकों को मिलता था।
यह बात अलग थी कि एपीएल कार्ड धारकों को भी 6.60 रुपये प्रति किलो की दर से 6 से 10 किलो तक गेहूं मिलता था। लेकिन अब एपीएल कार्ड धारकों को यह सुविधा बिल्कुल बंद कर दी गयी है। ऐेसे कार्ड धारकों को गेंहू चावल खुले बाजार से खरीदना होगा।
खाद्य आपूर्ति विभाग सूत्रों ने बताया कि जनवरी से अब तक जिले में 28681 नये राशन कार्ड बने हैं। जबकि 9138 कार्ड निरस्त किये गये हैं। जिलेभर में जनवरी 2016 तक 1,66,618 राशन कार्ड थे जिनकी संख्या मार्च 2016 तक बढ़कर 1,97,680 हो गयी है।
बताया गया है कि जनवरी से मार्च तक जो नये राशन कार्ड बने हैं, उन पर जुलाई 2016 से खाद्यान्न मिलना प्रारम्भ हो सकेगा। एपीएल और बीपीएल कार्ड पर दो लीटर प्रति माह मिट्टी का तेल मिलेगा जबकि अंत्योदय राशन कार्ड पर तीन लीटर मिट्टी का तेल मिला करेगा।