गढ़मुक्तेश्वर। शिक्षा के क्षेत्र की प्रथम सीढ़ी कहे जाने वाले आंगनबाडी केंद्रों में बच्चों की अपार (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक एकाउंट रजिस्ट्री)आईडी बनाई जाएगी। विभाग ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है।
बच्चों को शुरुआत के तीन साल तक आंगनबाड़ी या बाल-वाटिका में पढ़ाई करनी होती है। जिसमें तीन से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चे रहते हैं। आंगनबाड़ी में तीन वर्ष पढ़ाई करने के बाद उनका प्रवेश प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक में कराया जाता है, जिसके बाद उनकी आगे की पढ़ाई होती है। बच्चों की पहचान के साथ-साथ उनकी शिक्षा पर निगरानी रखने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने इन बच्चों की अपार आईडी बनवाने का निर्देश दिया है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक सभी छात्रों की अपार आईडी तैयार होने से देश के किसी भी हिस्से में उनके पढ़ाई के लिए जाने पर उन्हें आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा। उनके शैक्षणिक प्रदर्शन पर भी नजर रखी जा सकेगी। इसको लेकर कवायद शुरू कर दी गई है। जल्द ही अपार आईडी बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
सीडीपीओ मीनाक्षी ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की अपार आईडी बनने के लिए आदेश प्राप्त हो गए है। अभी केंद्रों पर बच्चों के अवकाश चल रहे हैं। 15 जनवरी के बाद इसकी कार्रवाई शुरू कराई जाएगी।-