हापुड़। जिले में कुपोषित बच्चों को पोषण की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। अक्तूबर से महिला एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग को पोषाहार की आपूर्ति नहीं हुई थी। जनवरी में अक्तूबर का पोषाहार प्राप्त हुआ है, जिसका वितरण शुरू किया जाएगा। तीन महीने का पोषाहार आना अभी बाकी है।
शासन आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से छह माह से छह साल तक के बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं को पोषाहार उपलब्ध कराता है। आयु वर्ग के हिसाब से पोषाहार की व्यवस्था है। जिले के 887 आंगनबाड़ी केंद्रों में 97881 लाभार्थी हैं। इनमें स्तनपान कराने वाली 5875 और 7131 गर्भवती महिलाएं हैं।
सरकार की संस्था नैफेड से पोषाहार की आपूर्ति की जाती है। लाभार्थियों के अनुसार अक्तूबर से पोषाहार नहीं मिला है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भी पोषाहार न मिलने की बात कही।
मिला अक्तूबर का पोषाहार-
तीन माह तक आपूर्ति बाधित रहने के बाद अब उम्मीद जगी है। हालांकि नवंबर, दिसंबर और जनवरी का पोषाहार अभी भी आना बाकी है। अधिकारियों का कहना है कि अब आपूर्ति सुचारु होने की उम्मीद है।
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कुछ कारणों से पोषाहार नहीं मिल रहा था। जिसके लिए संस्था से पत्राचार किया गया था। अक्तूबर का पोषाहार मिला है। जल्द ही बाकी महीनों का भी पहुंचने की उम्मीद है। -इला श्रीवास्तव, एएसडीएम/जिला कार्यक्रम अधिकारी।