संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। प्रदेश सरकार वृक्षारोपण महाभियान-2025 के अंतर्गत पौधरोपण कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में पौधे लगाते लोगों का सबसे बड़ा ऑनलाइन फोटो एल्बम बनाकर रिकार्ड दर्ज कराएगी। इसके लिए जिले को दस हजार पौधे लगाकर उनका एल्बम तैयार कराने का लक्ष्य दिया गया है। वन विभाग ने जिले के 30 विभागों को पत्र सौंपकर क्यूआर कोड, यूआरएल लिंक और मोबाइल एप के माध्यम से फोटो व जानकारी अपलोड कराने के निर्देश दिए हैं।
पूरे प्रदेश में वन विभाग ने एक जुलाई से सात जुलाई तक वन महोत्सव मनाया था। इस दौरान जिले के सभी 30 मुख्य विभागों को अलग-अलग करीब साढ़े नौ लाख पौधरोपण करने का लक्ष्य दिया गया था। इस अभियान के दौरान पौधरोपण कराया गया। साथ ही लोगों को पौधे लगाने के लिए जागरूकता के तहत एक पेड़ मां के नाम लगवाया गया। इस अभियान को और गति देने के लिए शासन ने नया कदम उठाया है।
शासन ने नौ जुलाई से नौ अगस्त तक वृक्षारोपण महाभियान-2025 के अंतर्गत गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड बनाने के लिए प्रत्येक जिले को लक्ष्य दिया है। प्रत्येक जिले को महाभियान के अंतर्गत न्यूनतम दस हजार फोटो को निर्धारित क्यूआर कोड यूआरएल लिंक और मोबाइल एप के माध्यम से अपलोड किया जाएगा।
जिला प्रभागीय वनाधिकारी अर्शी मलिक का कहना है कि सभी विभागों को मिलकर अधिक से अधिक फोटो व जानकारी एल्बम के लिए अपलोड करने हैं। इसके लिए निरंतर विभागों के अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है।
जिले में मात्र दस प्रतिशत लक्ष्य हुआ पूरा
जनपद में अब तक करीब 1300 पौधे लगाकर क्यूआर कोड, यूआरएल लिंक आदि से अपलोड किया गया है जबकि अभियान नौ अगस्त तक चलेगा। वहीं, विभाग ने 21 जुलाई तक जीपीएस फोटो को अपलोड कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कई विभाग अभी भी लापरवाही बरत रहे हैं। ऐसे में तय समय सीमा में अभियान को सफल बनाना भी अधिकारियों के लिए चुनौती रहेगी। विभागों को जीपीएस फोटो के साथ विभाग का नाम, स्थल, क्षेत्रफल, रोपित पौधे, क्षेत्र की जीपीएस रीडिंग, सुरक्षा व्यवस्था का प्रकार, सिंचाई व्यवस्था, बोर्ड लगाया गया है या नहीं, वृक्षारोपण पंजिका आदि जानकारी भी अपलोड करनी होगी।
-इन विभागों के अधिकारियों को लिखा पत्र -
पुलिस अधीक्षक, एचपीडीए, डीडीओ, एडीएम, तीनों एसडीएम, सीएमओ, ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता, डीपीआरओ, सीवीओ, उप कृषि निदेशक, सिंचाई विभाग व लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, जिला उद्यान अधिकारी, सहायक श्रमायुक्त, सभी बीडीओ, आईटीआई के प्रधानाचार्य, रेलवे, सहायक आयुक्त सहकारिता, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक, एआरटीओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी, डीआईओएस, बीएसए और नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारी सहित अन्य को पत्र लिखा गया है।