अब कृषि विषय से स्नातक कर चुके लोगों को ही बीज, उर्वरक और कीटनाशक का लाइसेंस दिया जाएगा। पूर्व की भांति अब हर किसी को लाइसेंस नहीं मिल सकेंगे।
गौरतलब हो कि अब से पूर्व कोई भी व्यक्ति कृषि विभाग से बीज, उर्वरक, कीटनाशक बिक्री का लाइसेंस बनवा लिया करते थे। जानकारी के अभाव में वह किसानों को गलत दवाएं भी दे देते थे।
ऐसे में किसानों की फसल रोग मुक्त होने के बजाय खराब हो जाती थी। किसान कृषि विभाग में हंगामा करते थे। लेकिन अब ऐसे लोगों को कृषि विभाग से लाइसेंस जारी नहीं किया जा सकेगा।
कृषि विषय से स्नातक कर चुके आवेदकों को ही कृषि विभाग से बीज, उर्वरक, कीटनाशक का लाइसेंस जारी किया जाएगा। इस संबंध में शासन से कृषि अफसरों को निर्देश भी मिल चुके हैं।
जिला कृषि अधिकारी धीरज सिंह का कहना है कि शासन से मिले निर्देश के अनुसार कृषि विषय से स्नातक कर चुके लोगों को ही बीज, उर्वरक, कीटनाशक का लाइसेंस दिया जा सकेगा।