हापुड़। अग्रवाल महासभा के रविवार को होने वाले चुनाव से पहले शुक्रवार को बैलेट पेपर छपकर जिला समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय पहुंच गए। वहीं, वोट डालने के लिए सदस्यों को सदस्यता कार्ड के साथ अब कोई एक सरकारी फोटो पहचान-पत्र भी लाना होगा। इसके बिना सदस्य मतदान नहीं कर सकेंगे।
चुनाव को लेकर दोनों गुटों की ओर से खोले गए कार्यालयों में हर दिन सैकड़ों लोगों के लिए भोजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यवस्था की गई है। इस कारण शाम से लेकर रात तक तुलाराम की धर्मशाला और छज्जूमल की धर्मशाला के बाहर जाम के हालात रहते हैं। इस कारण आमजन को परेशानी हो रही है, लेकिन चुनाव को लेकर शहर में अलग-अलग चर्चाएं हैं।
वोट को लेकर सभी एक-दूसरे की चरण वंदना कर रहे हैं। हालात यह हैं कि तड़के सुबह से लेकर देर रात तक प्रत्याशी और उनके समर्थक मतदाताओं के घर वोट देने की अपील लेकर पहुंच रहे हैं। वहीं, मतदान के लिए दीवान इंटर कॉलेज में तैयारी शुरू कर दी गई हैं।
बता दें कि महासभा के चुनाव में 5837 मतदाता भाग लेंगे। मतदान के लिए सदस्यों को सदस्यता कार्ड जारी किए गए हैं। वहीं, कई सदस्यता कार्ड पर फोटो न होने के कारण अब चुनाव अधिकारी ने सरकारी पहचान-पत्र भी साथ में लाने के आदेश दिए हैं। इसके बाद दोनों गुटों की ओर से मतदाताओं से संपर्क तेज कर दिया गया है।
मामले में जिला समाज कल्याण अधिकारी व चुनाव अधिकारी दिग्विजय सिंह का कहना है कि बहुत से सदस्यों के सदस्यता कार्ड पर फोटो तक नहीं है। इसलिए आधार कार्ड या अन्य कोई सरकारी फोटो वाला पहचान-पत्र लाना अनिवार्य है। इसके बिना वोट डालने नहीं दी जाएगी। चुनाव के लिए बैलेट पेपर छपकर आ चुके हैं।
आनंद विहार में जमीन की खरीद को लेकर चल रहा विवाद
वर्ष 2024 में आनंद विहार के जी-ब्लॉक में करीब 2853 वर्ग मीटर भूमि की खरीद अग्रवाल महासभा की ओर से की गई थी। उस समय भूमि की कीमत करीब 4.85 करोड़ रुपये थी, जो आज बढ़कर तीन गुना से अधिक हो चुकी है। शुक्रवार को सोशल मीडिया पर इस जमीन की खरीद को लेकर दो लेटर जारी हुए। इस पर दोनों गुटों की ओर से एक-दूसरे पर बदनाम करने का आरोप लगाया। इस प्रकरण में सोशल मीडिया पर लंबी बहस पूरे दिन चली।