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वायरल बुखार के बाद अब डेंगू मारने लगा डंक

Mon, 29 Aug 2016 12:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
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डेंगू, मच्छर - फोटो : file photo
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वायरल बुखार के बाद अब डेंगू के डंक से शहर में दहशत है लेकिन स्वास्थ्य विभाग अब भी इसको लेकर कोई इंतजाम नहीं कर रहा है। उधर, नगर पालिका के लिपिक के बेटे में डेंगू की पुष्टि होने से हड़कंप मच गया है। मरीज का इलाज नगर के ही निजी अस्पताल में चल रहा है।
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लोगों में डर है कि कहीं बीते वर्ष की तरह इस बार भी डेंगू कहर न बरपाने लगे। सबसे बड़ी बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों को डेंगू के मरीजों की रिपोर्ट सार्वजनिक नहंी करने के लिए नोटिस जारी किया है ताकि इंतजामों की पोल न खुल सके।

नगर पालिका में लिपिक के पद पर तैनात संजय त्यागी के बेटे शिवम को बुखार हुआ था। उसका इलाज नगर के ही निजी अस्पताल में चल रहा था। जांच रिपोर्ट में शिवम को डेंगू की पुष्टि होने पर हड़कंप मच गया। हालांकि इलाज के बाद अब उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है।
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वहीं संजय त्यागी के छोटे बेटे संयम को भी डेंगू ने अपनी चपेट में ले लिया है। निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने लैब की रिपोर्ट के आधार पर संयम में डेंगू की पुष्टि कर दी है। शहर में डेंगू के दो केस मिलने से स्वास्थ्य विभाग हलाकान हो रहा है। इसके इस बीमारी से पार पाने के कोई इंतजाम अभी भी नहीं किए जा रहे हैं।

बीते वर्ष की तरह कहर न बरपा दे डेंगू
हापुड़। पिछले साल भी 350 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई थी। इस बार भी दो डेंगू के केस मिलने से जिलेवासियों में दहशत है।

स्वास्थ्य विभाग हांक रहा डींग
स्वास्थ्य विभाग के अफसर डेंगू पर काबू पाने के भले ही तमाम दावे कर रहे हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि जिले के सरकारी अस्पतालों में इस बीमारी की पहचान के लिए भी लैब या संसाधन नहीं है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्वास्थ्य विभाग कितना अलर्ट है।

निजी लैबों पर निर्भर हैं मरीज
सरकार भले ही सरकारी अस्पतालों में व्यवस्था बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही हो। लेकिन जिले में स्थिति यह है मरीजों को स्वास्थ्य जांच के लिए सिर्फ निजी लैबों का ही सहारा लेना पड़ता है। सरकारी अस्पतालों में जांच के लिए कोई लैब ही नहीं है।

डेंगू की रिपोर्ट सार्वजनिक नहंी करने को नोटिस
हापुड़। स्वास्थ्य विभाग अपनी पोल खुलने के डर से निजी लैब या अस्तपालों को नोटिस जारी कर हिदायत दे दिया है कि मरीजों में डेंगू की पुष्टि होने पर उसे सार्वजनिक न करें। ऐसा करने पर चिकित्सकों पर कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे में निजी चिकित्सक डेंगू की पुष्टि होने वाले मरीजों के नाम लेने से हिचखिचा रहे हैं।

जिला डेंगू प्रभारी का कथन
हापुड़। जिला डेंगू प्रभारी शीशपाल सिंह का कहना है कि निजी लैबों पर डेंगू की पुष्टि किए मरीजों का सैंपल वह एकत्र कर रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में डेंगू की जांच के लिए एलाईजा टेस्ट किट उपलब्ध करा दी गई है।
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