हापुड़। मिलावटी पनीर, क्रीम और दूध के खिलाफ खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन विभाग की कार्रवाई तेज होने के बाद अब मिलावटखोरों ने भी अपना रास्ता बदल लिया है। हापुड़ से होकर दिन और रात के समय निकलने वाली संदिग्ध गाड़ियों की निगरानी बढ़ने के बाद अब मिलावटखोर बुलंदशहर और मेरठ की सीमा से लगे गांवों के रास्ते दिल्ली-गाजियाबाद के क्षेत्र में पहुंच रहे हैं। अधिकारियों को इस संबंध में इनपुट मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर मेरठ और बुलंदशहर के अधिकारियों से संपर्क किया गया है। जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की लगातार कार्रवाई में मिलावटी पनीर, क्रीम और मावा मिलने के बाद विभाग की ओर से शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों और सीमावर्ती रास्तों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है।
पहले मिलावटखोर एनएच-09, एनएच-334 और अन्य मुख्य मार्गों से होकर इन खाद्य पदार्थों की गाड़ियां निकालते थे, लेकिन जांच और चेकिंग बढ़ने के बाद अब गांवों के रास्ते वाहन निकाले जा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार की जानकारी के इनपुट हापुड़ बुलंदशहर बॉर्डर के गांवों से मिले हैं। देर रात में इन गांवों से वाहनों के गुजरने की जानकारी मिली है। इन रास्तों से गाड़ियों की आवाजाही होने के कारण विभाग के सामने निगरानी का दायरा बढ़ाने की चुनौती भी है। इसके अलावा विभागीय कार्रवाई में सामने आया है कि असली दूध की पर्याप्त उपलब्धता के बिना ही वनस्पति घी, स्टार्च और दूध पाउडर से पनीर, मावा व क्रीम तैयार की जा रही है। जिन इकाइयों पर कार्रवाई की गई है, उनके पास किसी भी प्रकार का कोई लाइसेंस, खरीद और बिक्री का कोई स्टॉक तक मौजूद नहीं है।
पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाने की मांग
मामले को गंभीरता से लेते हुए हापुड़ के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बुलंदशहर और मेरठ के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों से संपर्क किया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में संदिग्ध वाहनों और खाद्य पदार्थों की आवाजाही की जानकारी साझा करने के साथ संयुक्त रूप से निगरानी बढ़ाने की तैयारी है। इसके अलावा गांवों के रास्तों पर पुलिस चेकिंग और विभागीय टीम के साथ भी स्थायी रूप से पुलिसकर्मियों की तैनाती की मांग डीएम से की गई है।
सहायक आयुक्त द्वितीय चंद्रशेखर मिश्रा का कहना है कि जिले में मिलावटी पनीर, मावा और क्रीम की इकाइयों पर कार्रवाई के बाद अब मिलावटखोरों ने दूसरे रास्ते चुन लिए हैं। इसलिए बुलंदशहर और मेरठ के अधिकारियों को जानकारी दी गई है। साथ ही दिल्ली की ओर से जाने वाले गांवों के रास्तों पर भी रात्रि में पुलिस गश्त बढ़ाकर वाहनों की जांच की मांग विभाग ने की है।