आने वाले कुछ दिनों में बैंककर्मी खातों से आधार को लिंकअप कराने के लिए ग्राहकों पर जोर देने वाले हैं, क्योंकि खुद बैंक कर्मियों पर वित्त मंत्रालय ने दबाव बनाना शुरू कर दिया है। 28 फरवरी तक इस कार्य को 100 फीसदी पूरा किया जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
सरकार की मंशा है कि विभिन्न योजनाओं के तहत मिलने वाले अनुदान व अन्य लाभ सीधे खातों में ट्रांसफर हों, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। यह तभी संभव है जब खाते आधार से लिंक होंगे, लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है।
जिले के 50 फीसदी से अधिक खातों को अब भी आधार से लिंक नहीं किया जा सका है। मोबाइल सिम, नए खाते खोलने, गैस कनेक्शन जैसे कामों के लिए सरकार ने आधार की अनिवार्यता बढ़ा दी है। ताकि खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) हो सके।
इसका उद्देश्य भ्रष्टाचार को समाप्त करना है। खातों को आधार से जोड़ने की गति काफी धीमी है, जिसके चलते वित्त मंत्रालय ने अब बैंक कर्मियों को 28 फरवरी तक सभी खातों से आधार लिंक करने के निर्देश दिए हैं।
अग्रणी जिला प्रबंधक एपी चतुर्वेद्वी ने बताया कि जिले में करीब 29 बैंकों की 141 शाखाएं हैं। इनमें 7 लाख से ज्यादा खाते हैं। पिछले एक साल में आधे से भी कम खातों को आधार से लिंक किया जा सका है।
बैंक अधिकारियों के मुताबिक यह कार्य आसान नहीं है, इस कार्य में और वक्त लग सकता है। नए खाते भले ही आधार से लिंक किए जा रहे हैं, मगर वर्षों पुराने अकाउंट को लेकर समस्या आ रही है। खाताधारकों से कई बार कहने के बावजूद वह आनाकानी कर रहे हैं।