हापुड़। बाबूगढ़ के बछलौता रोड स्थित सुरेंद्री क्लीनिक में 21 वर्षीय प्रसूता की ऑक्सीजन नहीं मिलने से मौत हो गई। हापुड़ के खान हॉस्पिटल में ऑपरेशन से प्रसव कराने के एक घंटे बाद ही प्रसूता को क्लीनिक में भर्ती करा दिया गया था। बीएएमएस चिकित्सक की डिग्री पर क्लीनिक पंजीकृत था। परिजनों के हंगामे के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां पहुंची। जांच के दौरान गर्भपात संबंधी औजार और ओटी मिलने पर क्लीनिक को सील कर दिया गया।
दरअसल, बुलंदशहर के गांव भैंसाखुर निवासी यश की 22 वर्षीय पत्नी गुड़िया का उपचार बछलौता रोड स्थित सुरेंद्री क्लीनिक में चल रहा था। परिजनों के अनुसार मंगलवार शाम को प्रसव पीड़ा होने पर गुड़िया को क्लीनिक में भर्ती करा दिया गया। आरोप है कि स्टाफ पहले तो सामान्य प्रसव होने का दावा करता रहा, लेकिन शाम को कहने लगे कि ऑपरेशन की जरूरत है, इसलिए हापुड़ ले जाना होगा।
गुड़िया के पति यश ने बताया कि उन्होंने अच्छे अस्पताल में जाने की बात कही, लेकिन अस्पताल के स्टाफ ने हापुड़ के बुलंदशहर रोड स्थित खान हॉस्पिटल में पत्नी को भर्ती करा दिया। जहां ऑपरेशन से बच्चा होने के महज एक घंटे बाद ही पत्नी को वापस क्लीनिक ले गए। रात से ही उसे दर्द होना शुरू हो गया। लेकिन चिकित्सक बार-बार दर्द निवारक इंजेक्शन देते गए।
परिजनों का आरोप है कि सुबह गुड़िया का पेट फूलना शुरू हो गया। लेकिन स्टाफ ने कहा कि यू्रीन रुक रहा है, बैग लगाते ही समस्या खत्म हो जाएगी। लेकिन कुछ ही देर में मरीज की हालत बिगड़ने लगी, सांस लेने में भी समस्या होने लगी। परिजनों ने ऑक्सीजन लगाने की बात कही, लेकिन बाद में स्टाफ ने बताया कि क्लीनिक में ऑक्सीजन की व्यवस्था ही नहीं है। परिजनों ने एंबुलेंस मांगी तो वह भी नहीं दी गई। परिजन किसी तरह गुड़िया को अपनी निजी गाड़ी से हापुड़ के लिए रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। परिजनों द्वारा हंगामा करने के बाद स्वास्थ्य विभाग के एसीएमओ डॉ. वेेदप्रकाश समेत टीम ने निरीक्षण किया। अनियमितता मिलने पर क्लीनिक को सील कर दिया गया है। साथ ही खान हॉस्पिटल को भी नोटिस जारी किया जा रहा है।
दो घंटे में बड़ा ऑपरेशन, एक घंटे में दे दी छुट्टी
स्वास्थ्य विभाग की अधिकारियों के अनुसार परिजनों ने बताया कि हापुड़ के खान हास्पिटल में दो घंटे के अंदर ही बड़ा ऑपरेशन कर मरीज को शिफ्ट कर दिया गया। इसके एक घंटे बाद ही अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई। जबकि बड़ा ऑपरेशन होने पर तीन से पांच दिन तक मरीज को भर्ती रखना पड़ता है। अस्पताल ने ऐसा क्यों किया यह भी जांच का विषय है, इस मामले में विभाग नोटिस जारी कर रहा है।
बीएएमएस की डिग्री पर चल रहा खेल-
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सुरेंद्री क्लीनिक का पंजीकरण बीएएमएस डॉ.गौरव के नाम से बताया है। लेकिन क्लीनिक में गर्भपात के औजार और ओटी भी मिली हैं। ऐसे में क्लीनिक के अंदर इस तरह के काम होना भी प्रतीत हुआ।
बड़ी घटना होने के बाद जागता है विभाग
जिले में झोलाछाप और फर्जी क्लीनिकों की भरमार है। क्लीनिक के पंजीकरण पर अस्पताल तक चलाए जा रहे हैं। लेकिन एक बार भी ऐसा मामला नहीं हुआ कि ऐसे सेंटर विभाग ने खुद पकड़े हों। बल्कि किसी की मौत, या घटना घटित होने पर ही सीलिंग की कार्रवाई होती है, जो बाद में खुल जाती है।
एक साल पहले हुई थी शादी, परिजनों का रोकर बुरा हाल-
भैंसाखुर निवासी यश और गुड़िया की शादी एक साल पहले ही हुई थी। बच्चा होने की खुशी पूरे परिवार में थी। लेकिन क्लीनिक स्टाफ की गलत मंशा और अकुशलता के कारण गुड़िया की जान चली गई। इस घटना से परिजनों का रोकर बुरा हाल है।
कोट -महिला की मौत की सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेजा गया। क्लीनिक को सील कर दिया गया है। साथ ही दूसरे अस्पताल को भी नोटिस भेजा जा रहा है। जांच में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। - डॉ.सुनील त्यागी, सीएमओ।
तहरीर के आधार पर होगी कार्रवाई-
परिजनों की तहरीर के आधार पर ही जांच कर, आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मृतका का शव पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा गया है। - जितेंद्र शर्मा, सीओ।