दिल्ली रोड पर नकली देशी घी के 17 पैकेटों के साथ एक व्यक्ति को लोगों ने दबोचकर फूड सेफ्टी विभाग की टीम को सौंप दिया। अफसरों ने पुलिस की मौजूदगी में घी के पैकेट को सील करने के साथ ही सैंपल जांच को भेजे हैं। आरोपी युवक को पुलिस को सौंप दिया।
शुक्रवार दोपहर एक व्यक्ति श्री नंद गोपाल नाम की डेयरी के देशी घी के पैकेट एसएसवी डिग्री कॉलेज के आसपास बिक्री कर रहा था। शक होने पर लोगों ने इसकी सूचना फूड सेफ्टी डिपर्टमेंट के अफसरों को दी।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे देशी घी के पैकेट की जांच की। जांच में पाया गया कि इन पैकेट पर बैच नंबर, टिन नंबर और किस स्थान पर वह बनता है आदि जानकारी नहीं थी।
ये पैकेट देखने में ही नकली लग रहे थे। टीम को उसके पास से 17 पैकेट मिले। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनय अग्रवाल की मौजूदगी में घी के उक्त पैकेट को एसएसवी चौकी पुलिस की मदद से सील कर दिया गया। इनमें से चार पैकेट को सैंपल सीज कर जांच को भेजा गया है।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम इकबाल निवासी गढ़ गेट बताया है। उसने बताया कि वह मथुरा-अमरोहा की ओर से आने वाले ट्रक चालकों से 70 रुपये में देशी घी के पैकेट खरीदता है और बाजार में 100 रुपये किलो में बेचता है।
अब पुलिस इकबाल को साथ लेकर देशी घी के पैकेट सप्लाई करने वालों की तलाश कर रही है।
नकली देशी घी बनाने-सप्लाई करने का धंधा बड़े स्तर पर चल रहा है। एक साल में नकली देशी घी के आठ मामले सामने आ चुके हैं। मोदीनगर से भी नकली देशी घी की सप्लाई कई राज्यों में की जाती है।
ट्रक से नकली देशी घी की सप्लाई करने वाला यह बड़ा गिरोह हो सकता है। इकबाल की मदद से वह पकड़ा गया तो देशी घी बनाने और बेचने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश हो सकेगा।
डीओ गाजियाबाद अजय जायसवाल के अनुसार माफिया तिल के तेल में रसायन, वनस्पति घी और एसेंस मिलाकर नकली देशी घी तैयार करते हैं। इसकी पहचान देखकर-सूंघकर नहीं की जा सकती है। लैब टेस्ट के बाद ही इसकी पहचान हो सकती है।
सस्ते के चक्कर में खरीदा गया देशी घी जानलेवा हो सकता है। लोगों को ब्रांडेड कंपनियों का देशी घी पक्के बिल के साथ खरीदना चाहिए। डा. जीवी सिंह के अनुसार नकली घी को बनाने में मिलाने वाला रसायन जानलेवा हो सकता है।
इससे किडनी फेल होने, हार्ट अटैक होने, आंत व लीवर का कैंसर होने के साथ ही त्वचा कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इससे जल्दी नुकसान गर्भवतियों और बच्चों को होता है। इससे बच्चे विकलांग पैदा हो सकते हैं।
छोटे बच्चों का मानसिक विकास देशी घी के एसेंस के प्रयोग से रुक सकता है। ऐसे में खानपान में बेहद सावधान रहने की जरूरत है।
इकबाल की बातों पर विश्वास करें जो नकली देशी घी की सप्लाई ट्रक चालक करते हैं। ऐसे में आशंका है कि नकली देशी घी की सप्लाई ट्रकों से बड़े स्तर पर की जा रही है। इसको कई जनपदों-राज्यों में बिक्री के लिए भेजा जा सकता है। अब पुलिस और फूड सेफ्टी अफसर इसकी जांच कर रहे हैं।