हापुड़। सिंभावली और ब्रजनाथपुर चीनी मिल से जुड़े रह गए दस गांवों से केंद्र बदलने की मांग उठी है। ग्रामीणों ने गन्ना समितियों में प्रस्ताव दिए हैं। इन प्रस्तावों के साथ समितियों के सचिव मुख्य सचिव के यहां अपील करेंगे। पहले से ही गन्ना संकट झेल रहीं हापुड़ की दोनों मिलों को एक और बड़ा झटका लग सकता है। इस मामले में किसानों का प्रतिनिधिमंडल एडीएम से भी मिला है। साथ ही सोमवार को गन्ना आयुक्त से भी भेंट करने की तैयारी है।
दरअसल, गन्ना भुगतान में लगातार लापरवाही पर गन्ना आयुक्त के आदेश पर सिंभावली और ब्रजनाथपुर चीनी मिल से 184 गन्ना खरीद केंद्र हटा दिए गए हैं। ये केंद्र मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर के नंगलामल, चंदनपुर, साबितगढ़, मवाना असमौली, चॉगीपुर, अनामिका, वीनस, अगवानपुर, टिकौला, दौराला मिल को दिए गए हैं।
अब सिंभावली मिल पर सिर्फ छह और ब्रजनाथपुर चीनी मिल पर महज चार गांव जुड़े रह गए हैं। बेहद कम गन्ना रह जाने के कारण मिल में पेराई सत्र पर संकट है। दस गांवों के किसानों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। इन सभी गांवों की ओर से दूसरे मिलों के केंद्र गांवों में स्थापित कराने की मांग उठ रही है।
गांवों से केंद्र बदलवाने संबंधी प्रस्ताव गन्ना समिति के सचिवों पर पहुंच गए हैं। इन्हें तैयार कर अब मुख्य सचिव के यहां अपील की तैयारी समिति के सचिवों ने शुरू कर दी है। किसानों के लिए यह राहत की बात है, जबकि हापुड़ के दोनों चीनी मिलों को एक और बड़ा झटका है। किसानों के साथ साथ मिल के कर्मचारियों की चिंताएं भी बढ़ रही हैं, क्योंकि उनका पहले ही करोड़ों का वेतन मिल में अटका हुआ है। साथ ही किसानों का करीब 160 करोड़ रुपये भुगतान भी है।
एडीएम से मिले किसान, सोमवार को गन्ना आयुक्त से मिलेंगे
भाकियू अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष पवन हूण समेत किसानों का प्रतिनिधिमंडल शनिवार को एडीएम संदीप कुमार से मिला। उन्होंने किसान हित में दत्तियाना समेत अन्य गांवों के केंद्र दूसरे मिलों से जोड़ने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि सिंभावली गन्ना समिति के सचिव से प्रस्ताव भी करा दिया गया है। अब सोमवार को इस मामले में गन्ना आयुक्त से मिलेंगे।
साढ़े सात किलोमीटर की परिधि में आने से बढ़ी परेशानी
गन्ना विभाग के अनुसार जो गांव सिंभावली और ब्रजनाथपुर चीनी मिल से जुड़े रह गए हैं। उनके प्रस्ताव भी गन्ना आयुक्त के समक्ष रखे गए थे लेकिन ये गांव मिलों के साढ़े सात किलोमीटर की परिधि में आते हैं, जिस कारण प्रस्ताव रद्द हो गए थे। आदेश में भी साढ़े सात किलोमीटर के दायरे में आने का हवाला दिया गया है। इसलिए अब प्रस्तावों की मुख्य सचिव से अपील की जा रही है।
सिंभावली शुगर मिल से जुड़े इन गांवों के हैं प्रस्ताव
केंद्र केंद्र गन्ना रकबा गन्ना उत्पादन
गंदूनंगला/नगलाबढ़ 96 0.81
दत्तियाना 288 2.44
दरियापुर/कुराना 329 2.79
ढाना 366 3.10
खैय्या 203 1.72
माधापुर प्रथम 179 1.52
(नोट: गन्ना रकबा हेक्टेयर और गन्ना उत्पादन लाख क्विंटल में है।)
ब्रजनाथपुर चीनी मिल से जुड़े इन गांवों के हैं प्रस्ताव-
केंद्र गन्ना रकबा गन्ना उत्पादन
मिल द्वार 3217 27.26
भटैल 167 1.41
हसनपुर कांकर 140 1.19
मीरपुर कलां 147 1.24
काठीखेड़ा 120 1.02
(नोट: गन्ना रकबा हेक्टेयर और गन्ना उत्पादन लाख क्विंटल में है।)
जिला गन्ना अधिकारी अंगद सिंह का कहना है कि हापुड़ के चीनी मिलों से जुड़े रह गए दस गांवों से केंद्र बदलवाने के प्रस्ताव मिले हैं। संबंधित समिति सचिव प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं। जिन चीनी मिलों से अब 184 केंद्र जुड़े हैं, उनका भुगतान बेहद अच्छा है जो हापुड़ के किसानों को काफी राहत दिलाएगा।