हापुड़। अपर जिलाधिकारी सत्यप्रकाश पटेल ने चीनी मिल अधिकारियों को बाजार में बेची गई चीनी का बकाया तत्काल वसूल कर किसानों को भुगतान करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि 31 अक्तूबर तक किसानों का भुगतान नहीं हुआ तो कार्यवाही की जायेगी। साथ ही चीनी मिलों को जल्द चलवाने की व्यवस्था की जाए ताकि किसान समय से गन्ना काटकर मिल में पहुंचा सकें।
कलक्ट्रेट में गन्ना विभाग के अधिकारी और गन्ना मिलों के अधिकारियों के साथ बैठक में अपर जिलाधिकार ंने कहा कि सिंभावली शुगर मिल पर 100 करोड़, ब्रजनाथपुर शुगर मिल पर 45 करोड़ रुपये का बकाया है । मिल प्रबंधन किसानों को बकाया गन्ना मूल्य का 31 अक्तूबर तक भुगतान करें। अगर समय अवधि में भुगतान नहीं किया गया तो मिलों के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही होगी। उन्होंने कहा कि मिल चीनी को अधिक से अधिक मात्रा में बेचे। बड़े खरीददारों से संपर्क करें ताकि किसानों का जल्द भुगतान हो सके।
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि मिलों का बाजार में जो बेची गई चीनी का बकाया है वह दो दिन में वसूल कर लें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। ब्रजनाथपुर शुगर मिल ने पांच करोड़ की जो चीनी बेची है। उसका भुगतान तत्काल किसानों को किया जाए। उन्होंने कहा कि गन्ना खेतों में तैयार हो गया है और अब मिल भी जल्द से जल्द चलनी चाहिए। मिल प्रबंधक इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द मिल को चलायें।
बैठक में कार्यवाहक जिला गन्ना अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव, ब्रजनाथपुर शुगर मिले के केन मैनेजर फकीरचंद शर्मा, सिंभावली शुगर मिल के केन मैनेजर राजीव तोमर, वीरेश कुमार मौजूद थे।
पेराई सत्र न शुरू होने से किसान बेचैन
गढ़। शुगर मिलों में पेराई सत्र चालू न होने से किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जरूरतमंद किसानों को अपना गन्ना कोल्हू, क्रेशरों पर बेहद सस्ते दाम में बेचना पड़ रहा है। साथ ही गेहूं और सरसों की बुआई पीछे होती जा रही है। भाकियू जिला प्रभारी दिनेश खेड़ा का कहना है कि ब्याज तो दूर बल्कि अभी तक पिछले वर्ष का बकाया गन्ना पेमेंट तक नहीं मिल पाया है। शुगर मिल चालू न होने से गेहूं और सरसों की अगैती बुआई की तैयारी लगातार लेट होती जा रही है। मनवीर सिंह, नरेश त्यागी, हाजी सुलेमान खां का कहना है कि मिल चालू न होने से छोटी जोत वाले किसानों को कोल्हू, क्रेशरों पर सस्ते में गन्ना बेचना पड़ रहा है।