गढ़मुक्तेश्वर। ब्रजघाट गंगानगरी में छठ महोत्सव के पावन अवसर पर तीन दिवसीय मेले का सोमवार से आगाज हो गया। इसी साथ ब्रजघाट में भक्तों का का जमावड़ा शुरू हो गया। बुधवार शाम सूर्य को पहला अर्घ्य देंगे।
बता दें कि कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी को छठ महोत्सव मनाया जाता है। मंगलवार को व्रतधारी पूरे दिन व्रत रहेगा। शाम को चावल-दाल, चावल के लड्डू आदि से भोजन कर निर्जला व्रत शुरू होगा। फिर बुधवार शाम व्रती घाट पर पहुंचकर सूर्य को अर्घ्य देंगे। फिर बृहस्पतिवार सुबह सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन करेंगे। श्रद्धालुओं के अनुसार इस महापर्व का मनवांछित फल मिलता है।
मूलरूप से छठ पर्व बिहार और पूर्वी यूपी के लोग पिछले कई वर्षों से ब्रजघाट में बड़ी धूमधाम के साथ मनाते आ रहे हैं। देश की राजधानी दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा समेत आसपास के महानगरों में यह पर्व का बड़ा क्रेज है। इस छठ पर्व को सूर्य पूजन भी कहा जाता है। सूर्यदेव रोशनी के साथ ही ऊर्जा भी प्रदान करते हैं, जिससे वर्ष में एक बार विधि विधान से उनकी पूजा अर्चना हो जाती है।