गढ़मुक्तेश्वर। गजरौला में तिगरी, गढ़ में खादर और ब्रजघाट पर कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले गंगा मेले में जाना हो जो दिन के उजाले में ही जाएं। रात को मेला स्थल पर नहीं जाने दिया जाएगा। इस आशय का निर्णय सोमवार को गंगा मेला स्थल में हापुड़ और अमरोहा जिले के पुलिस-प्रशासनिक अफसरों ने घंटेभर के मंथन के बाद लिया। सफल आयोजन के लिए पहली बार साझा रणनीति तैयार कर अफसरों ने हाईवे को जाम की गिरफ्त में आने से बचाव के लिए तमाम सुझाव दिए। इसमें जाम लगने पर डायवर्जन ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मी के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय प्रमुख रहा।
गढ़ खादर मेला स्थल पर बनाई रिजर्व पुलिस लाइन के सभागार में सोमवार की देर शाम करीब साढ़े 6 बजे हापुड़ डीएम अजय कुमार यादव, एसपी आरपी पांडेय, अमरोहा डीएम वेदप्रकाश और एसपी अनिल कुमार के बीच करीब एक घंटे तक वार्ता हुई। इसमें दोनों जिलों के पुलिस-प्रशासनिक अफसरों ने हाईवे पर रूट डायवर्जन का सख्ती के साथ पालन कराने को लेकर साझा रणनीति बनाकर उस पर अमल करने पर विशेष जोर दिया। 4 नवंबर के प्रारंभ होने वाले रूट डायवर्जन के पालन में कोई भी लापरवाही अथवा खामी सामने आने पर पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई किए जाने की चेतावनी भी दी है।तय किया कि हाईवे पर ट्रैफिक प्रेशर पर लगातार नजर रखी जाएगी। अगर जाम की आशंका हुई तो काफी पहले से वाहनों को रोककर ट्रैफिक लोड कम कर दिया जाएगा।
इसके अलावा मेलों में होने वाली अनहोनी, लूटपाट, अग्निकांड, भगदड़ और गंगा में डूबने से होने वाली वारदातों की रोकथाम को व्यापक स्तर पर संयुक्त कार्रवाई करने की रूपरेखा भी तैयार की गई है। एसपी अमरोहा ने मेले में आने वालों की जांच का प्रस्ताव रखा, ताकि मेला स्थल पर असलाह और शराब न पहुंच पाए। इसके अलावा रात के अंधेरे के दौरान नाव में सवार होकर खादर और तिगरी मेलों में आने जाने पर सख्ती के साथ रोक लगा दी गई है। मीटिंग में सीडीओ कुणाल सिल्कू, एएसपी राम नयन यादव, एडीएम एसपी पटेल, मेलाधिकारी शमशाद हुसैन, मेला सीओ शील कुमार, अमरोहा से सीडीओ शिवकुमार मिश्रा, जिला पंचायत अधिकारी फरहत अली और इंजीनियर नरेश सक्सेना भी मौजूद रहे। संबंधित ...पेज-4 पर