हापुड़। खरखौदा कांड से जागी सरकार ने अब नाबालिग लड़कियों और महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों पर तत्काल राहत औ्र कार्रवाई के साथ-साथ रोकथाम के लिए प्रदेश के सभी थानों में संकटकालीन मध्यस्थता केंद्र की स्थापना करने की शुरुआत की है। इसमें तैनात अफसर पहली सूचना पर पीड़ित को परामर्श और अन्य प्रकार की सहायता मुहैया कराने के लिए तुरंत मौके पर पहुंचेंगे।
प्रदेश में महिलाओं और युवतियों पर बढ़ते को रोकने के लिए प्रदेश सरकार कड़े कदम उठा रही है। अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए प्रदेश सरकार ने नई पहल शुरू की है। इसके लिए प्रदेश के गृह, गोपन एवं सतर्कता विभाग के प्रमुख सचिव आरएम श्रीवास्तव ने निर्देश जारी किये हैं।
प्रदेश के सभी जिला मजिस्ट्रेट, एसएसपी और एसपी को भेजे गए आदेश में कहा गया है कि प्रदेश के सभी थानों में यूपी पुलिस और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त संकटकालीन मध्यस्थता केंद्र स्थापित किये जाएं। इस उद्देश्य के लिए हर जिले में किसी एक अथवा अधिक स्वयंसेवी संस्था को चिहिंत किया जा सकता है। इन केंद्रों/संस्थाओं का पता, टेलीफोन नंबर, नोडल व्यक्ति का नाम जिले के प्रत्येक थाने पर रखा जाए। थाने पर दुराचार की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल थानाध्यक्ष/विवेचक जिले की क्राइसिस इंटरवेंसन सेंटर को सूचित करेगा। सूचना प्राप्त होने पर पीड़ित महिला की परामर्श तथा अन्य प्रकार की सहायता के लिए तुंरत पुलिस अफसर पहुंचेंगेे। पीड़िता की तात्कालिक जरूरत की बाबत रिपोर्ट करेंगे। साथ ही मेडिकल और पुलिस सुरक्षा की बाबत संस्तुति भी देंगे ।