आरटीआई कार्यकर्ता हत्याकांड ः खुलासे पर अड़ी पुलिस, परिजनों ने उठाए सवाल
हापुड़ । आरटीआई कार्यकर्ता मंगत सिंह त्यागी की हत्या के 76 दिन बाद भी हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से क्षुब्ध परिजनों ने मंगलवार से कलेक्ट्रेट में भूख हड़ताल शुरू कर दी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में लीपापोती की है। जबकि पुलिस का दावा है कि बिसरख में पकड़ा गए आरोपी ने ही मंगत सिंह त्यागी की हत्या की है।
बता दें कि 14 अप्रैल को गांव बनखंडा निवासी आरटीआई कार्यकर्ता मंगत सिंह त्यागी की कार सवार अज्ञात हमलावरों ने दो गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने दावा किया था कि गत दिनों बिसरख में बुलंदशहर के औरंगाबाद निवासी एक युवक को पिस्टल सहित गिरफ्तार किया गया। जिसने यह खुलासा किया था कि उसने ही सुपारी लेकर मंगत सिंह त्यागी की हत्या की।
पुलिसया खुलासे को परिजनों ने सिर से नकार दिया और मंगलवार से कलेक्ट्रेट में भूख हड़ताल शुरू कर दी। भूख हड़ताल पर मृतक मंगत सिंह त्यागी का पुत्र संजय त्यागी पुत्रवधू सुमन देवी पोती करिश्मा, नीलम, मनीष और यश बैठे। परिजनों ने बताया कि इस मामले में पुलिस द्वारा लीपापोती की जा रही है। क्योंकि यदि पुलिस ने बिसरख में आरोपी को पकड़ा तो उससे परिजनों के सामने क्यों नहीं पूछताछ की गई। जिससे पुलिसया खुलासे पर सवालियां निशान लग रहा है। पुलिस और प्रशासन ने अभी तक उनकी मांगों को भी पूरा नहीं किया है। जिस कारण मजबूरी में उन्हें भूख हड़ताल करनी पड़ी। अब यह भूख हड़ताल अनिश्चताकालीन चलेगी।
इस अवसर पर बबली सिंह, अशोक कुमार, सतीवर त्यागी, सुरेंद्र, राजीव, कृष्ण कुमार, ओमवीर, अंजू, शशि, भुवनेश्वरी, सुलेखा, फूलवती आदि रहे।