गढ़मुक्तेश्वर। डीएम चक्रपाणि यादव बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे खादर मेला स्थल पहुंचे। कैंप कार्यालय में कुछ देर तक मेला अधिकारी केबी सिंह एवं जिला पंचायत अधिकारी प्रमोद कुमार के साथ मेला व्यवस्थाओं पर चर्चा करने के बाद डीएम ने स्नान घाट और गंगा के जल स्तर का निरीक्षण किया। मुख्य स्नान घाट पर एक निजी गोताखोर से डुबकी लगवाकर जलस्तर का जायजा लिया गया तो पानी पांच फुट से भी अधिक गहरा था। इसके बाद उन्होंने निर्देश दिया कि मुख्य स्नान घाट के पास नावों का जमावड़ा न रहे और फूल प्रसाद बेचने वालों के वहां से दूर बैठने की व्यवस्था की जाए ताकि श्रद्धालुओं को दिक्कत न हो। स्नान घाट के पास मिट्टी की ढांग की कटाई अविलंब पूरी करने को भी कहा। इसके अलावा स्नान घाट के पास वाले क्षेत्र में श्रद्धालुओं का पड़ाव पूरी तरह वर्जित रखने, रात में स्नान करने वालों के लिए पथ प्रकाश व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखने और सदर संतर को पूरी तरह बाधा मुक्त रखने का निर्देश भी दिया। गहरे जल स्तर के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग के आला अफसरों से वार्ता हो चुकी है, जिस कारण शनिवार से जलस्तर में गिरावट शुरू हो जाएगी। मेला ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी डीएम ने दी।
गंगा में पॉलीथिन फेंकने वाले से मंगवाई माफी
स्नान घाट निरीक्षण के दौरान किनारे पर खड़े एक व्यक्ति ने गंगा में पॉलीथिन फेंक दी। इसे देखते ही डीएम बुरी तरह भड़क उठे। उन्होंने पॉलीथिन फेंकने वाले को बुलाया और कान पकड़कर माफी मांगने के बाद उसे कड़ी चेतावनी देकर छोड़ दिया। डीएम ने जिला पंचायत अधिकारी को निर्देश दिया कि लाउड स्पीकर से हो रही मुनादी में यह उद्घोषणा भी लगातार कराई जाए कि किसी भी अंधविश्वास में फंसकर गंगा में प्रदूषित न करें।
सेवियर संस्था भी करेगी लोगों को जागरूक
डीएम ने जिला पंचायत अधिकारी को निर्देश दिया कि सेवियर संस्था के कैंप की व्यवस्था कराई जाए। सेवियर संस्था राष्ट्रीय स्तर पर मानवमित्र डॉल्फिन संरक्षण के लिए अभियान चला रही है, जो लोगों को जलाशयों में फैल रहे प्रदूषण की रोकथाम के लिए जागरूक करने का कार्य भी करती है।
तीर्थ नगरी में श्रद्धालुओं से टैक्स पर टैक्स
गढ़मुक्तेश्वर। उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री ने भले ही प्रत्येक नगर निगम और पालिका क्षेत्र में बैरियर लगाकर वसूली को अवैध घोषित कर दिया हो, लेकिन मेले के दौरान गढ़-ब्रजघाट में प्रवेश करने वाले प्रत्येक वाहन से बैरियर लगाकर वसूली की जा रही है। कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले की जिम्मेदारी जिला पंचायत विभाग पर है, जिसने व्यवस्थाओं के लिए होने वाले खर्चे को पूरा करने के लिए मार्ग, व्यापारिक प्रतिष्ठान लगाने के लिए भूमि किराया, यात्री कर, घोड़ा-खच्चर पर खरीद फरोख्त आदि का कर लगाते हुए ठेके छोड़े हैं। इसी क्रम में पूर्व की भांति यात्री कर का ठेका भी 2 लाख 86 हजार में छोड़ा गया है, जिसके चलते मेला क्षेत्र में आने वाले प्रत्येक वाहन से कर वसूला जा रहा है। हर मार्ग पर बैरियर लगे हैं। दिल्ली मार्ग, बुलंदशहर मार्ग या मेरठ मार्ग हर जगह बैरियर लगाकर ठेकेदार के लठैत बैठे हुए हैं। जिला पंचायत अधिकारी का कहना है कि मेले के दौरान यात्री कर लगाया जाता है, जिसके चलते प्रत्येक यात्री से 2 रुपये अधिक लिए जाते हैं। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि मेले में आने वालों से कर लिया जाए जबकि कर उनसे भी लिया जा रहा है जो गढ़-ब्रजघाट तीर्थ नगरी की सीमा से होकर आगे के लिए जा रहे हैं। ऐसे में सर्व प्रथम गढ़ में एंट्री करते ही कर देना होगा। उसके बाद आप ब्रजघाट के लिए चल दिए तो पहले टोल प्लाजा तथा फिर ब्रजघाट तीर्थनगरी में वाहन खड़ा करने का नाम पर कर देना होगा।
एसपी ने सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
गढ़मुक्तेश्वर। खादर मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लेकर एसपी और एएसपी ने संदिग्ध लोगों पर बारीकी से नजर रखने का कड़ा निर्देश दिया, ड्यूटी में लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। एसपी अब्दुल हमीद ने खादर मेला और संबंधित मार्गों पर बनाए गए अस्थाई थानों तथा पुलिस तैनाती का निरीक्षण किया। उन्होंने सदर संतर एवं गंगा किनारे से होकर दिल्ली सेक्टर को जाने वाले रास्ते पर वाहनों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रखने का निर्देश दिया। मुख्य स्नान घाट एवं भीड़ वाले स्थानों पर संदिग्ध लोगों की निगरानी के लिए पुलिस को वाच टावरों पर पूरी तरह मुस्तैद रहने, ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही न होने, गंगा किनारे वर्जित क्षेत्र में श्रद्धालु और उनके वाहनों का पड़ाव न डलने देने की कड़ी हिदायत भी दी। इससे पूर्व एडिशनल एसपी ललित कुमार ने मेला स्थल पर बनाई गई रिजर्व पुलिस लाइन में सभी थानों के एसओ की मीटिंग ली। उन्होंने ड्यूटी चार्ट अप टू डेट न होने पर कड़ी फटकार लगाई। बुलंदशहर एवं दिल्ली सैक्टर में अधिक जलस्तर वाले गंगा तट को स्नान के लिए वर्जित रखने का निर्देश दिया। मेला क्षेत्र में शराब लाने और उसकी बिक्री पर सख्ती से रोक लगाने का निर्देश भी दिया।