गढ़मुक्तेश्वर। गंगा मेले का पहला स्नान कम श्रद्धालु होने के कारण शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया, जबकि एकादशी पर दूसरा स्नान और पूर्णिमा पर मुख्य स्नान पर उमड़ने वाले सैलाब के सामने मुख्य स्नान घाट बौना साबित हो सकता है। 1200 फुट जगह में बने स्नान घाट पर लगातार कटान जारी है। इसी घाट पर 25 से 30 लाख भक्तों को 27 नवंबर की अर्द्धरात्रि के बाद स्नान करा पाना उतना सहज नहीं है जितना कि प्रशासन को लग रहा है। पटना में गंगा घाट पर मची भगदड़ से प्रशासन को सबक लेना चाहिए।
अमर उजाला लगातार प्रकाशित करता आ रहा है कि गंगा कटान के कारण गढ़ की तरफ एक किलोमीटर तक स्नान घाट बनाना असंभव है। कटान होने के कारण जलस्तर कम नहीं हो रहा है। गंगा किनारे बनाया गया अस्थाई स्नान घाट आज तक व्यवस्थित नहीं हो पाया है। मात्र 1200 फुट जगह में बने घाट पर आज भी कटान जारी है। दूसरे स्थान पर जलस्तर 6-7 फुट से कम नहीं है। जबकि, स्नान घाट पर भी पांच फुट आगे पहुंचते ही जल स्तर काफी बढ़ जाता है।
मिट्टी तेल मिलेगा
हापुड़। जिला आपूर्ति अधिकारी ने गढ़ मेले में श्रद्धालुओं को वितरित करने के लिए गढ़ क्षेत्र के 15 राशन विक्रेताओं को मिट्टी का देने की घोषणा की है। मेले में प्रत्येक श्रद्धालु को एक लीटर मिट्टी का तेल वितरित किया जाएगा। बता दें कि गढ़ मेले में अस्थाई राशन की दुकानें शुरू हो चुकी हैं।
दूध के पैकेटों की सप्लाई
गढ़मुक्तेश्वर। खादर मेले में हर जगह पहुंचेगी पराग दूध के पैकेटों की सप्लाई। पराग डेयरी चेयरमैन सुभाष चंद शर्मा ने बताया कि दूध बिक्री के लिए 12 सेंटर खोले गए हैं। मट्ठा एवं दही की बिक्री भी की जाएगी। सदर संतर में खुले मिल्क सेल सेंटर का शुभारंभ सपा प्रदेश सचिव सतपाल यादव ने किया।