एसडीएम ने मंडी निरीक्षक और व्यापारियों को दिए कड़े निर्देश
गढ़मुक्तेश्वर। आबादी के बीच सड़क पर हो रही धान की खरीद फरोख्त को लेकर एसडीएम ने मंडी समिति निरीक्षक समेत व्यापारियों से वार्ता कर दिशा निर्देश दिए। स्पष्ट किया कि धान खरीद के चलते लोगों को कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए।
नेशनल हाइवे किनारे करोड़ों की लागत से बनी सरकारी मंडी चालू होने के बाद भी गढ़ की आबादी में प्रतिदिन हजारों क्विंटल धान की खरीद फरोख्त से लेकर उसके लोडिंग का काम दिन रात चल रहा है, जिससे सरकारी राजस्व को चूना लगने के साथ ही राहगीरों समेत स्थानीय लोगों को दिक्कत झेलनी पड़ रही है। चौपला से होकर मेरठ और स्याना रोड समेत पुराने दिल्ली रोड पर दिनभर जाम जैसी स्थिति बनी रहती है। धान की खरीद फरोख्त से हवा में उड़ने वाली धूल से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस खबर को अमर उजाला ने बुधवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया तो तहसील प्रशासन हरकत में आ गया। एसडीएम ज्योति राय ने बृहस्पतिवार को मंडी निरीक्षक प्रभात कुमार, धान आढ़ती एसोसिएशन अध्यक्ष आशीष त्यागी और व्यापारी नेता मूलचंद सिंघल को बुलाकर वार्ता गई। एसडीएम ने कहा कि सड़कों की बजाए मंडी में ही धान की खरीद फरोख्त होनी चाहिए। इस पर धान आढ़ती एसोसिएशन अध्यक्ष आशीष त्यागी ने मंडी में उपयुक्त स्थान उपलब्ध न होने पर मंडी में पहुंचने से इंकार कर दिया। एसडीएम ज्योति राय ने सड़क किनारे धान की खरीद-फरोख्त होने से जाम की स्थिति बनने और लोगों को परेशानी होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। वहीं मंडी निरीक्षक को भी टैक्स की चोरी रोकने के लिए निर्देशित किया गया है।