गढ़ मामले में डीजीपी से मिला अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल
हापुड़। गढ़मुक्तेश्वर के नौ अधिवक्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के मामले में मंगलवार को बार एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल मेरठ जाकर डीजीपी से मिला। शिकायत के बाद डीजीपी ने मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं।
मंगलवार को जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय कंसल, सचिव चौधरी जितेंद्र सिंह, गढ़ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरपाल सिंह, पूर्व अध्यक्ष सत्यप्रकाश चौहान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश संघर्ष समिति मेरठ के अध्यक्ष राजेंद्र जानी व महामंत्री देवकी नंदन शर्मा डीजीपी ओपी सिंह से मेरठ में मिले। अधिवक्ताओं ने बताया कि गढ़ पुलिस ने नौ अधिवक्ताओं के खिलाफ फर्जी मुकदमा कायम कराकर गलत व अनैतिक कार्य किया है। इसकी जांच कराकर अधिवक्ताओं के खिलाफ दर्ज फर्जी मुकदमा वापस कराया जाए। ऐसा करने वाले सीओ और उपनिरीक्षक का तबादला कराया जाए।
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय कंसल ने बताया कि डीजीपी ने अधिवक्ताओं की शिकायत काफी गंभीरता से सुनने के बाद एडीजी प्रशांत कुमार को मामले की निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद दोपहर को बार के सभागार में हापुड़ के अधिवक्ताओं की बैठक हुई। इसमें अध्यक्ष व सचिव ने मेरठ में ज्ञापन देने व डीजीपी से वार्ता के संबंध में अवगत कराया। इसके बाद चल रही सांकेतिक हड़ताल को समाप्त करने की घोषणा कर दी गई। अधिवक्ता अनिल आजाद, खालिद खान, भोपाल सिसौदिया ने इसे अधिवक्ताओं की जीत बताया है।
बैठक में रणवीर सिंह, अजित सिंह, केपी सिंह, यूसुफ कुरैशी, कुंवर इंतजार अली, अनिल सिसौदिया, भोपाल सिसौदिया, गजेंद्र सिंह चौहान, महेंद्र सिंह, रामनिवास, खालिद खान, मुकेश शर्मा, श्यामवीर सिरोही, सतेश्वर दयाल त्यागी, सतपाल तोमर, रमेश चंद लोधी आदि उपस्थित थे।