नसबंदी के चार साल बाद महिला हुई गर्भवती
- सेहत महकमे पर घोर लापरवाही का लगाया आरोप
- हर्जाना न मिलने पर अदालत की शरण में जाएगी
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। नसबंदी ऑपरेशन कराने के चार साल बाद एक महिला गर्भवती हो गई। उसने सेहत महकमे पर ऑपरेशन करने में घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर हर्जाना न देने पर अदालत की शरण में जाने की चेतावनी दी है।
बहादुरगढ़ क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली चार बच्चों की मां ने दो फरवरी 2013 को हापुड़ सीएचसी में अपना नसबंदी ऑपरेशन कराया था, लेकिन इसके बाद भी वह करीब छह माह पहले गर्भवती हो गई थी। नसबंदी ऑपरेशन होने से वह कई माह तक इस संबंध में पूरी तरह अनजान रही, लेकिन बाद में मेडिकल जांच कराने के बाद इस हकीकत का खुलासा हुआ तो उसके होश उड़ गए। महिला का आरोप है कि नसबंदी ऑपरेशन करने के दौरान सेहत महकमे के स्तर से घोर लापरवाही बरती गई है, क्योंकि महंगाई के इस दौर में उसे अपने चार बच्चों की गुजर बसर कर पाना पहले ही चुनौती बना हुआ था। मगर, अब गर्भवती होने से पांचवां बच्चा होने पर उसकी आर्थिक तंगी और भी बढ़नी तय है। महिला का कहना है कि सेहत महकमा अपनी चूक का हर्जाना अदा करने के साथ ही उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की पढ़ाई-लिखाई से लेकर उसकी परवरिश का सारा खर्च वहन करे, अन्यथा वह न्याय न मिलने पर अदालत की शरण लेकर कानूनी कार्रवाई करेगी।
गढ़ के सीएचसी अधीक्षक डॉ. एस के तेवतिया का कहना है कि नसबंदी ऑपरेशन कराने के बाद भी ऐसे इक्का दुक्का मामले हो जाते हैं, लेकिन अगर संबंधित महिला नसबंदी ऑपरेशन से जुड़े प्रमाण पत्रों को संलग्न कर सेहत महकमे में प्रार्थना पत्र देती है तो फिर विभागीय प्राविधान के तहत उसे आर्थिक मदद मिलेगी।