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Hapur News: भीषण आग में 80 झुग्गियां जलीं, दो ट्रांसपोर्ट कंपनियां और जींस फैक्टरी भी चपेट में

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पिलखुवा में झु​​ग्गियाें में लगी आग बुझाते दमकलकर्मी। संवाद
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पिलखुवा (हापुड़)। कोतवाली क्षेत्र के अर्जुन नगर स्थित झुग्गी बस्ती में सोमवार सुबह अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। पूरा क्षेत्र काले धुएं के गुबार से ढक गया। एक के बाद एक फटे गैस सिलिंडरों के धमाके से पूरा क्षेत्र दहल उठा। आग ने आसपास की दो ट्रांसपोर्ट कंपनियों और एक जींस की फैक्टरी को भी अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में झुग्गी में रहने वाला एक व्यक्ति और एक दमकल कर्मी झुलस गया।
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हापुड़, गाजियाबाद और पिलखुवा से पहुंचीं करीब 10 दमकल गाड़ियों ने साढ़े छह घंटे में आग पर काबू पाया। तब तक करीब 80 झुग्गियां, ट्रांसपोर्ट कंपनी और फैक्टरी में रखा माल जल गया था। कुल करीब दो करोड़ के नुकसान का आकलन है। झुग्गी बसाने के लिए चार लोगों ने अपनी जमीनें किराए पर दी थीं। इनमें से तीन को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
मोदीनगर रोड पर अर्जुन नगर के पास पिछले करीब 12 सालों से 200 झुग्गियों में लोग रह रहे थे। करीब 18 बीघे में फैली इस झुग्गी बस्ती में अधिकतर लोग असम के रहने वाले हैं और फिलहाल चुनाव में मतदान के लिए अपने मूल स्थान गए हुए हैं। सुबह करीब साढ़े आठ बजे अचानक इन झुग्गियों में आग दहक उठी। झुग्गियां में मौजूद लोगों ने बाल्टियां से आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की ऊंची ऊंची लपटों और काले धुएं के गुबार से आसपास के क्षेत्र में घुटन के साथ धुंध छा गई। इस दौरान झुग्गियों में रखे सिलिंडरों में धमकों से हालात और भयावह हो गए।
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प्लास्टिक, पॉलिथीन और कबाड़ जैसी ज्वलनशील सामग्रियों से आग इतनी तेजी से फैली की फायरब्रिगेड के पहुंचने तक हालात बेकाबू हो गए। बढ़ती आग ने पास ही स्थित गायत्री लॉजिस्टिक ट्रांसपोर्ट (तिरपाल और संबंधित सामग्री का निर्माण भी), यूनाइटेड ट्रांसपोर्ट (कपड़ा निर्माण के साथ-साथ आयात और निर्यात का कार्य) और जींस सिलाई फैक्टरी को भी अपनी चपेट में ले लिया। जींस फैक्टरी के मालिक अशोक कुमार के दोनों गोदामों में भारी मात्रा में माल भरा था, जिसमें एक में कपड़े की करीब 800 गांठ और दूसरे में लगभग 250 गांठ माल रखा था। इसमें पूरा माल जल गया। शुरुआती आकलन में नुकसान दो करोड़ रुपये से ज्यादा बताया जा रहा है।
इस दौरान सीओ अनीता चौहान और कोतवाली प्रभारी भी मौजूद रहे। आग से झुग्गी में रहने वाला एक व्यक्ति और दमकल कर्मी नवीन झुलस गए। हालांकि दोनों की हालत सामान्य बताई जा रही है। सीओ अनीता चौहान ने बताया कि आग के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। जांच के आधार पर जो भी तथ्य सामने आ रहे हैं, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

ज्यादातर लोग करते हैं कूड़ा बीनने का कार्य
यहां रहने वाले अधिकतर परिवार मूल रूप से असम के रहने वाले हैं। ये लोग यहां कूड़ा बीनने का कार्य करते हैं। चुनाव के कारण मतदान करने असम गए हुए थे, जिससे झुग्गियां खाली थीं। इसी वजह से बड़ी जनहानि बच गई। हालांकि आर्थिक नुकसान काफी हुआ है।

800 से 2000 रुपये लेते थे आरोपी
आग लगने के बाद इस पूरे मामले में पुलिस प्रशासन अब सक्रिय हो गया है। दरअसल, जिस भूमि पर ये झुग्गियां बसाई गई हैं, वह गांव राणा पट्टी के चार लोगों के नाम है। करीब 18 बीघा जमीन पर वर्ष 2014 से 800 से दो हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से इन झुग्गियों को बसाने के लिए जमीन किराए पर दी गई थी। चारों सालों से इन लोगों से किराया वसूल रहे थे। इन झुग्गियों के लिए अवैध रूप से बिजली की सप्लाई भी दी गई थी। पुलिस ने जमीन के तीन मालिकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।

पिलखुवा में झुग्गियाें में लगी आग बुझाते दमकलकर्मी। संवाद

पिलखुवा में झुग्गियाें में लगी आग बुझाते दमकलकर्मी। संवाद

पिलखुवा में झुग्गियाें में लगी आग बुझाते दमकलकर्मी। संवाद

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