बदलते मौसम में चूक भारी पड़ेगी
गढ़मुक्तेश्वर। ठिठुरती सर्दी के बाद तापमान में अचानक बढ़ोतरी होने से गर्मी की तरफ कदम बढ़ा रहे इस मौसम में सीजनल बीमारी तेजी के साथ पांव पसार रही हैं, जिनसे बचाव में कोई भी चूक सेहत पर भारी पड़ सकती है।
पहाड़ों पर बर्फबारी, घना कोहरा और रात में पाला गिरने का क्रम कई सप्ताह तक चला था, जिससे लोगों को ठिठुरती सर्दी का प्रकोप झेलना पड़ा।प मकर संक्रांति के बाद मौसम के मिजाज में बदलाव होने लगा था, लेकिन अब आकर आकाश में बादल, बूंदाबांदी, दिन में चमकदार धूप और सुबह-शाम समेत रात को ठंडी हवा चलने से मौसम के मिजाज में तेजी से बदलाव हुआ है। जो सीधे तौर पर बीमारियों को खुला न्योता साबित हो रहा है। मौसम के मिजाज में बदलाव आने से वायरल फीवर, डायरिया, खांसी, जुकाम आदि बीमारी तेजी से पांव पसार रही हैं। ऐसे में थोड़ी सी चूक भी बीमारी की वजह बन जाती है।
ऐसे बचें मौसमी बीमारियों से
- डिप्टी सीएमओ डॉ.संजीव कुमार का कहना है कि बदलते मौसम में फैलने वाली बीमारियों से बचाव के लिए अहतियाती बरतना बेहद जरूरी हैं, क्योंकि थोड़ सी चूक भी आपको बीमार करने वाली साबित हो सकती है।
1-अधिक से अधिक और शुद्ध पानी का ही इस्तेमाल करें।
2-हरी सब्जियों का अधिक सेवन करें और ठोस खाद्य पदार्थों से दूर रहें।
3-बदलते मौसम में अंगूर और संतरे जैसे रसीले फलों का खूब इस्तेमाल करें।
4-फ्रिज का ठंडा पानी और ठंडे पेय पदार्थों का सेवन न करें।
5-सुबह-शाम के समय बदन और सिर को ढककर ही बाहर निकलें।
6-खुले आकाश के नीचे न सोएं।
7-घर और आसपास में पानी एकत्र न होने दें, नियमित रूप में कैरोसिन डालते रहें।
8-मच्छरों के बचाव को मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
9-पानी शुद्ध न होने पर उसे उबाल कर ही इस्तेमाल करें।
10-तबियत बिगडने पर तुरंत चिकित्सक से सलाह लेकर उपचार कराएं।