80 हजार ऐंठने के बाद भी हाथ के आपरेशन में लापरवाही, फैला जहर
हापुड़। शहर के दो नामचीन डाक्टरों की लापरवाही एक व्यक्ति पर भारी पड़ी है। डॉक्टरों ने टूटा हाथ सही करने के नाम पर पीड़ित से हजारों रुपये तो ऐंठ ही लिए, वहीं पीड़ित का हाथ सही करने की जगह और बेकार कर दिया। आलम यह है कि अब पीड़ित की जान पर बन आई है। पीड़ित के हाथ ने पूरी तरह से काम करना बंद कर दिया है और उसमें जहर फैलने लगा है। इसके चलते मेरठ के चिकित्सकों ने उसके हाथ को काटने की बात कही है। डॉक्टरों की मुंहमांगी फीस भरने के बाद भी हाथ बेकार होने के चलते पीड़ित सदमे में है। आर्थिक रूप से कमजोर पीड़ित अब धक्के खाने को मजबूर हो रहा है।
मेरठ रोड के गांव कैली निवासी धर्मवीर ने बताया कि बीते दिनों एक सड़क दुर्घटना में उसका हाथ टूट गया था। परिजनों ने बेहतर इलाज के लिए उसे गढ़ रोड स्थित एक नामचीन अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में डाक्टरों ने उसके हाथ का ऑपरेशन करके राड डाल दी। वहीं इस कार्य के लिए डाक्टरों ने उससे करीब 40 हजार रुपये ऐंठ लिए। बताया कि आपरेशन करने के तीन माह बाद भी उसका हाथ थोड़ा-बहुत मुड़ पा रहा था, लेकिन ठीक से चल नहीं रहा था। इसके बाद उसने तहसील चौराहा स्थित एक नामचीन अस्पताल में अपने हाथ का इलाज कराया। वहां भी चिकित्सक ने ऑपरेशन करके उसके हाथ को ठीक करने का दावा किया। इसके लिए डाक्टरों ने उसे करीब 40 हजार रुपयों का खर्चा बताया। किसी तरह उसने रुपयों का बंदोबस्त करके हाथ का आपरेशन कराया। इस बार डाक्टर ने आपरेशन में लापरवाही के चलते उसके हाथ में नई राड कुछ लंबी डाल दी। इसका नतीजा यह हुआ कि थोड़ा बहुत मुड़ने वाला हाथ जरा भी आगे पीछे होना बंद हो गया। कुल मिलाकर गरीब का हाथ पहले से भी बेकार हो गया।
गरीब का हाथ काटने की आई नौबत
- डाक्टरों पर भरोसा करके आर्थिक रूप से कमजोर धर्मवीर ने जैसे तैसे आपरेशन कराया था, लेकिन डाक्टरों की लापरवाही के चलते अब उसका हाथ काटने की नौबत आ गई है। धर्मवीर ने बताया कि मेरठ के चिकित्सकों ने अब उसका हाथ काटने की बात कही है। चिकित्सकों ने बताया है कि आपरेशन वाले स्थान पर काफी मोटी गांठ बन गई है। इसके चलते हाथ में जहर फैलने लगा है।
सीएमओ कार्यालय में की शिकायत
- डाक्टरों की लापरवाही से आहत पीड़ित ने मामले में सीएमओ कार्यालय में शिकायत की है। उसने चेतावनी दी है कि अगर उसे न्याय नहीं मिला तो वह अदालत का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होगा। वहीं वह मुख्यमंत्री के दरबार में भी जाकर पेश होगा और डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाएगा।
भगवान की लापरवाही से दिव्यांग बना युवक
पिलखुवा। धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही ने एक युवक को दिव्यांग बना दिया। गांव मुकीमपुर निवासी विनोद कुमार ने बताया कि 15 मई को उसका पुत्र मनीष आर्य समाज मंदिर के पास बाइक फिसलने के कारण सड़क पर गिरकर घायल हो गया था। घायल अवस्था में उसे पबला रोड स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां 16 मई को चिकित्सकों ने उसके पुत्र के दाहिने पैर का आपरेशन किया था। आपरेशन के बाद उसके पुत्र की हालत बिगड़ने लगी। जिसपर उसने चिकित्सकों से शिकायत की। आरोप है कि इसके बाद चिकित्सकों ने उसके जल्द ठीक हो जाने की बात कही थी, लेकिन 22 मई को उसकी हालत और बिगड़ गई। इसके बाद चिकित्सकों ने उसे मेरठ के एक अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जहां चिकित्सकों ने पीड़ित को बताया कि उसके पुत्र का ऑपरेशन ठीक से नहीं किया गया है। इसके चलते 23 मई को चिकित्सकों को युवक का पैर घुटने तक काटना पड़ा। पीड़ित पिता ने बृहस्पतिवार अस्पताल के चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कोतवाली में तहरीर दी है। कोतवाली प्रभारी अश्वनी कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के अपरांत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।