सिंभावली शुगर मिल की ओर से 2014-15 में खरीदे गए गन्ना मूल्य में 89 करोड़ रुपये का भुगतान अभी तक किसानों को नहीं किया है। तहसील प्रशासन ने इसे हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी मानते हुए शनिवार को शुगर मिल छापा मारा और दो लाख 975 कुंतल शीरा और सात गोदामों में रखे एक लाख 55 हजार 21 बोरे चीनी को सील कर दिए हैं।
पेराई सत्र 2014-15 में सिंभावली शुगर मिल ने जो गन्ना खरीदा था, उसमें अभी तक किसानों को 89 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया है। हाईकोर्ट ने बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान के लिए जो फॉर्मूला निर्धारित किया था।
उसके तहत चीनी बिक्री से आने वाली रकम का 85 फीसदी हिस्सा किसानों के बकाया गन्ना मूल्य खाते में भेजा जाना था। इसे लिए जिला प्रशासन ने टैंगिंग खाता भी खुलवाया हुआ है।
इसके बाद भी भुगतान न होने पर तहसील प्रशासन की ओर से पिछले साल शुगर मिल के विरुद्ध आरसी भी जारी की गई थी। इतना सब कुछ होने के बाद भी शुगर मिल प्रबंधन बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान करने को तैयार नहीं है। शनिवार शाम को तहसील प्रशासन ने शुगर मिल में बड़े स्तर पर कार्रवाई की है।
दो लाख 975 कुंतल शीरा और सात गोदामों में रखी चीनी के एक लाख 55 हजार 21 बोरों को सील कर दिया गया है। सिंभावली सहकारी गन्ना विकास समिति सचिव राजीव सेठ ने बताया है कि शुगर मिल लगातार जिला प्रशासन के टैंगिंग आदेश की अवहेलना करता आ रहा है, जिससे बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान न मिलने से किसानों में गुस्सा है।
तहसील प्रशासन ने मिल के टैंकों में भरा हुआ शीरा और सात चीनी गोदाम सील कर दिए हैं।
कार्रवाई के दौरान गन्ना समिति की टीम में धौलाना समिति सचिव डॉ. रामफल, हापुड़ सचिव मनोज कुमार, सिंभावली समिति स्टाफ नीरज, संजय शामिल रहे। समाचार लिखे जाने तक टीम के सदस्य शुगर मिल में अभिलेखों की जांच में जुटे हुए थे।