आज फिर उफान मार सकती है गंगा
हरिद्वार, टिहरी और बिजनौर बैराज से छोड़ा गया लाखों क्यूसेक पानी
हजारों बीघा निचले जंगल में खड़ी फसलों पर भी मंडरा रहा है संकट
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। पहाड़ो पर बारिश और हरिद्वार, टिहरी, बिजनौर बैराज से बुधवार को फिर लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने से बृहस्पतिवार को गंगा का जलस्तर खतरे का निशान पार कर सकता है।
दरअसल, पहाड़ों पर हो रही झमाझम बारिश से गंगा खादर क्षेत्र में परेशानी बढ़नी तय है। क्योंकि जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी होने से गंगा का पानी खादर क्षेत्र के डेढ़ दर्जन से भी अधिक गांवों के परिवारों के लिए चुनौती बनती जा रही है। जहां निचले जंगल में पानी भरने से गन्ना, चारा, धान समेत हजारों बीघा फसलों पर एक बार फिर संकट के बादल मंडरा रहे हैं, वहीं गंगा के उफान से संपर्क रास्तों पर पानी भरने से लठीरा, गड़ावली, आरकपुर, मढै़या किशन सिंह, रेतावाली मढै़या, कुदैनी मढ़ैया, शाकरपुर, बलवापुर समेत कई गांवों से जुड़े ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कत झेलनी पड़ रही हैं। केंद्रीय जल आयोग के कनिष्ठ अभियंता राहुल शर्मा का कहना है कि 198.33 मीटर वाले चेतावनी के निशान को पार करने के बाद भी पहाड़ों पर बारिश होने से गंगा का उफान लगातार जारी रहने से बुधवार शाम को जलस्तर बढ़कर 198.47 मीटर पर पहुंच गया है। इससे 198.73 मीटर वाला खतरे का निशान अब महज 26 सेंटीमीटर दूर रह गया है। सिंचाई विभाग कंट्रोल रूम के सूत्रों का कहना है कि बुधवार दोपहर गंगा में हरिद्वार से 72 हजार लाख 215, बिजनौर बैराज से 34 हजार और टिहरी से 23 हजार 504 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो बृहस्पतिवार दोपहर तक ब्रजघाट गंगा में पहुंच जाएगा। इससे जलस्तर में और भी बढ़ोतरी होने से गंगा खतरे के निशान को पार कर सकती है।