महाशिवरात्रि पर रहेगी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
- डीएम ने तैनात किए सेक्टर मजिस्ट्रेट, निर्देश जारी
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़।
महाशिवरात्रि पर कांवड़ियों के लिए व्यवस्था बनाने और शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए जिलाधिकारी ने सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए हैं। उन्होंने अधिकारियों को व्यवस्थाएं चाक चौबंद करते हुए शांति कायम रखने के दिशा निर्देश दिए हैं।
13/14 फरवरी को महाशिवरात्रि है। त्योहार को लेकर जिलाधिकारी कृष्णा करुनेश द्वारा जारी आदेशों में मंदिरों में साफ सफाई व कांवड़ियों के पड़ाव आदि में भोजन की सही व्यवस्था के साथ, संवेदनशील क्षेत्रों, कांवड़ियों से दुर्व्यवहार किये जाने और दूसरे ऐसे कारणों के लिए विशेष रूप से सतर्क रहने के आदेश दिए हैं, जिससे माहौल खराब हो सकता हो। उन्होंने इस संबंध में जिले भर में 12 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनाती किए हैं। इनमें एसडीएम, तहसीलदार व अन्य अधिकारी शामिल हैं। शांति बनाए रखने के लिए एडीएम रजनीश राय को प्रभारी तैनात किया गया है।
डीएम कृष्णा करुनेश ने कहा कि सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कांवड़ियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
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ब्रजघाट गंगा से भी उठेगी लाखों कांवड़, तैयारी अधूरी
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। फाल्गुन मास की महाशिवरात्रि पर क्षेत्र के हजारों शिवभक्त हरिद्वार से कांवड़ लाएंगे। ब्रजघाट गंगा से भी लाखों कांवड़ उठेंगी, लेकिन अब तक प्रशासन द्वारा कोई तैयारी नहीं की गई है। ऐसे में हाईवे समेत जर्जर सड़कें और सीवर लाइन के खुले मैनहोल शिवभक्तों के लिए परेशानी का सबब बनेंगे।
फाल्गुन मास की महाशिवरात्रि का जलाभिषेक इस बार 13/14 फरवरी को मनेगा। इसके उपलक्ष्य में गढ़ के मुक्तेश्वरा महादेव, कल्याणपुर के कल्याणेश्वर और दत्तियाना के लाल मंदिर हजारों शिवभक्त भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करेंगे। वहीं दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान समेत वेस्टर्न यूपी से जुड़े लाखों भक्त जलाभिषेक करने के लिए ब्रजघाट गंगा से कांवड़ भरकर गंतव्य स्थलों को रवाना होंगे। जलाभिषेक में अब चार दिन का समय ही शेष बचा है, लेकिन कांवड़ियों की सुरक्षा समेत उनकी सुविधा से जुड़ी तैयारी पूरी नहीं हो पाई है। इनमें ढिलाई होने से कांवड़ भरकर लाने और ले जाने वाले शिवभक्तों को खासी दिक्कतें झेलनी पड़ सकती हैं। क्योंकि हाईवे समेत गढ़ क्षेत्र में ज्यादातर सड़कें जर्जर हैं। वहीं सीवर लाइन के मैनहोल भी खुले हुए हैं। ब्रजघाट गंगा में डूबने वालों को बचाने के लिए प्रशिक्षित गोताखोर और नावों की भी कोई व्यवस्था नहीं है। हरिद्वार और गोमुख से वापसी करने वाले गढ़ क्षेत्र के शिवभक्त मध्य गंग नहर पटरी से होकर आते हैं, जो कई स्थानों पर टूटी होने के साथ ही उसमें गड्ढों की भी भरमार है।
एसडीएम हनुमान प्रसाद मौर्य और डीएसपी संतोष मिश्रा का कहना है कि कांवड़ियों की सुरक्षा समेत उनकी सुविधा से जुड़े किसी भी बंदोबस्त में कोई खामी बाकी नहीं रहने दी जाएगी। पालिका चेयरमैन सोना सिंह और ईओ अमिता वरुण का कहना है कि ब्रजघाट गंगा से कांवड़ उठाने आने वाले शिवभक्तों से जुड़ी सभी मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह चाक चौबंद रखी जाएंगी। सफाई के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा।