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आखिर सहकारी बैंकों ने कहां गायब कर दिया 1484 किसानों का रिकॉर्ड

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आखिर सहकारी बैंकों ने कहां गायब
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कर दिया 1484 किसानों का रिकॉर्ड

एनपीए खाताधारकों की ऋण माफी का मामला
- जिले के 2692 पात्र किसानों में से सिर्फ 1208 का बैंक में मिला है ब्योरा
- अब 1115 किसान हैं सत्यापन के दायरे में, जिला स्तरीय कमेटी कर रही जांच
जतिन त्यागी
हापुड़। जिलेभर में सहकारी बैंकों की 10 शाखाओं के एनपीए खाताधारकों के लिए अच्छी खबर नहीं है, क्योंकि ऋण माफी के दायरे में आने वाले 2692 किसानों में से 1484 किसानों का ब्योरा बैंकों के पास उपलब्ध नहीं है। इसके चलते बैंकों की ओर से महज 1208 किसानों का रिकॉर्ड ही कृषि अफसरों को दिया गया है। प्रथमदृष्टया जांच के बाद अब सिर्फ 1115 किसान ही पात्रता की श्रेणी में बचे हैं, इनका भी जिलास्तरीय सत्यापन होना है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार की ऋण माफी योजना का किसानों को लेखपाल, बैंकों की लचर कार्यप्रणाली के चलते उचित ढंग से लाभ नहीं मिल पा रहा है। बीते दिनों तीन चरणों में जिले भर के महज 15 हजार किसानों का ही ऋण माफ हो सका था, करीब 35 हजार किसान ऋण माफी से वंचित रह गए थे। अब सरकार ने सहकारी बैंकों के एनपीए खाताधारकों को राहत दिलाने के लिए उनका एक लाख रुपये तक का ऋण माफ करने की घोषणा की है। शासन को जारी सूची में जिलेभर से ऐसे 2692 किसान सामने आए थे, उक्त किसान जिले भर की सहकारी बैंकों की सभी 10 शाखाओं से हैं।
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आश्चर्य की बात यह है कि बैंकों की ओर से कृषि विभाग को सिर्फ 1208 किसानों की सूची ही भेजी जा सकी है, जबकि 1484 किसानों का बैंकों में कोई रिकॉर्ड ही नहीं मिल रहा है। 1208 किसानों की शुरुआती जांच में 93 किसान बाहर हो गए हैं। अब महज 1115 किसान ही सत्यापन के दायरे में हैं। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि एनपीए खाताधारकों को झटका लग सकता है।
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जिला कृषि अधिकारी शिवकुमार सिंह का कहना है कि सहकारी बैंकों ने बहुत से किसानों का रिकॉर्ड नहीं दिया है, ऐसे में अब सिर्फ 1115 किसानों का ही भौतिक सत्यापन होना है। उक्त सभी किसान सहकारी बैंकों के एनपीए खाताधारक हैं।
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