हापुड़। नगर पालिका की पेयजल पाइप लाइन को बार-बार क्षतिग्रस्त करने के मामले में आईजीएल कंपनी पर 50 हजार का जुर्माना लगाया गया है। यहां तक कि कंपनी पर बिना अनुमति कार्य करने और क्षतिग्रस्त पेयजल पाइप लाइन को सही न करने के भी आरोप हैं। पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण चार मोहल्लों में पानी का संकट रहा।
आईजीएल कंपनी द्वारा सोमवार को आवास विकास कॉलोनी में बिजलीघर के पास गैस पाइप लाइन से संबंधित कार्य किया जा रहा था, इस दौरान पालिका की पेयजल पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इसकी शिकायत स्थानीय सभासद और लोगों ने की। लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण आवास विकास कॉलोनी में स्थित अवर जलाशय नहीं भर सका। इससे आवास विकास कॉलोनी, गांधी विहार, ओम विहार और काशीनाथनगर आदि क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था बाधित हो गई। सोमवार को शिकायत के बाद भी मंगलवार को कंपनी ने पेयजल लाइन की मरम्मत नहीं कराई। मामले में पालिका के जलकल विभाग ने ईओ को जानकारी दी। अधिशासी अधिकारी संजय कुमार मिश्रा का कहना है कि आईजीएल कंपनी के कर्मचारी बार-बार पालिका की पेयजल लाइन को क्षतिग्रस्त कर रहे हैं। इस कारण शहरवासियों को परेशान होना पड़ता है। लापरवाही को देखते हुए कार्यदायी संस्था को क्षतिग्रस्त पाइप लाइन की मरम्मत के साथ ही 50 हजार रुपये क्षतिपूर्ति व्यय जुर्माने की संस्तुति की गई है। पालिका में धनराशि जमा न करने पर एफडीआर से कटौती की जाएगी।
कंपनी के अधिकारियों को लिखा था पत्र
पूर्व में भी पालिका ने कंपनी के अधिकारियों को पत्र लिखा था, इसमें पालिका सीमा में क्षतिग्रस्त पेयजल पाइप लाइन की मरम्मत करने व गैस पाइप लाइन बिछाने से पूर्व पालिका के जलकल विभाग से गाइडलाइन प्राप्त करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन संबंधित कंपनी के कर्मचारियों ने किसी गाइडलाइन का पालन नहीं किया।