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सुप्रीम कोर्ट में शुगर मिल कर्मियों की जीत हुई

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सुप्रीम कोर्ट में शुगर मिल कर्मियों की हुई जीत
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गढ़मुक्तेश्वर। सिंभावली शुगर मिल से निकाले गए सीजनल कर्मचारियों को सुप्रीम कोर्ट से भी जीत मिली है। मिल ने सन 2004 में सीजनल कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी थी। इसके बाद निकाले गए कर्मचारियों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
सिंभावली शुगर मिल ने सन 1995 के पेराई सीजन के दौरान 138 सीजनल कर्मचारियों की तैनाती की थी। कामकाज करते हुए कई साल बीतने पर कर्मचारियों का बोनस और फंड भी कटने लगा था, लेकिन सन 2004 में मिल प्रबंधन ने कंपनी कानून से जुड़े नियमों को पूरी तरह ताक पर रखते हुए सीजनल कर्मचारियों की सेवा को समाप्त कर उन्हें काम से हटा दिया था, जिसके विरोध में कर्मचारियों ने लेबर कोर्ट की शरण ली थी, जहां से उनके पक्ष में बहाली का आदेश होने पर मिल प्रबंधन ने इस फैसले के खिलाफ कमिश्नर कोर्ट में अपील कर दायर कर दी था। लंबी सुनवाई के बाद कमिश्नर कोर्ट से भी सीजनल कर्मचारियों के हक में फैसला हुआ, लेकिन इसके बाद भी मिल प्रबंधन ने उनकी बहाली करने की बजाए इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दायर कर दी थी। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने भी सीजनल कर्मचारियों के पक्ष को पूरी तरह जायज ठहराते हुए अविलंब उनकी बहाली का आदेश दिया था। इस बार भी मिल प्रबंधन सीजनल कर्मचारियों की बहाली करने को तैयार नहीं हो पाया, जिसने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट मेंअपील दायर कर दी थी, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने भी सीजनल कर्मचारियों के पक्ष को पूरी तरह वाजिब ठहराते हुए उन्हें जल्द से जल्द बहाल करने का आदेश दिया है।
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देश की सर्वोच्च अदालत से अपने पक्ष में फैसला आने से गदगद सीजनल कर्मचारी बृहस्पतिवार को शुगर मिल में पहुंचे। जिन्होंने शुगर मिल के जीएम एचआर नायब सिंह से भेंट कर उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कॉपी सौंपते हुए अविलंब अपनी बहाली कराए जाने की गुहार लगाई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पढनें के बाद जीएम एचआर ने नए पेराई सीजन में बहाली कराए जाने का भरोसा दिया, जिससे बेरोजगारी की समस्या से पीड़ित चले आ रहे सीजनल कर्मचारियों के चेहरे खिल उठे। इस दौरान महबूब, दयानंद, तेज बहादुर, महेंद्र, महेश रईसदुदीन, राजवीर, विरेंद्र, राजकुमार, समेत वे दर्जनों सीजनल कर्मचारी मौजूद रहे, जो पिछले कई सालों से शुगर मिल प्रबंधन के खिलाफ विभिन्न अदालतों में कानूनी लड़ाई लड़ते आ रहे हैं।
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