सिंभावली चीनी मिल को भुगतान के लिए मिले 37 करोड़
हापुड़। प्रशासन द्वारा पिछले दिनों सिंभावली चीनी मिली की कुर्क हुई चीनी को नीलाम कर मिली 37.29 करोड़ की रकम से गन्ना विभाग किसानों का भुगतान करेगी। इस धनराशि से किसानों को कुछ राहत जरूर मिलेगी।
जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह ने बताया कि सिंभावली चीनी मिल ने जिला सहकारी बैंक गाजियाबाद से 29 करोड़ का ऋण लिया था। ऋण न चुकाने पर मार्च 2018 में बैंक में आरसी जारी कर दी थी। उस 33 करोड़ की आरसी के क्रम में तहसीलदार गढ़मुक्तेश्वर ने सिंभावली चीनी मिल के गोदाम में रखी एक लाख 29 हजार 775 क्विंटल चीनी सील कर दी थी। पिछले माह गन्ना भुगतान को लेकर भाकियू नेताओं ने जमकर हंगामा और धरना दिया था। जिला प्रशासन ने शीघ्र भुगतान के आश्वासन पर धरने पर बैठे भाकियू नेताओं का धरना समाप्त कराया था, जिसमें उन्हें चीनी नीलाम करने का आश्वासन दिया था। 11 जनवरी में 1.29 लाख क्विंटल चीनी को 40 करोड़ 94 लाख रुपये में नीलाम किया गया।
नीलामी की धनराशि मिलने के बाद तहसील प्रशासन ने 37 करोड़ 28 लाख 85 हजार 682 रुपये गन्ना विभाग को दे दिए हैं। यह धनराशि किसानों को वितरित की जाएगी। गन्ना विभाग ने धनराशि किसानों के खातों में भेजने का काम शुरू कर दिया है। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि नीलाम हुई चीनी की धनराशि में से दो करोड़ चार लाख 72 हजार छह रुपये जिला सहकारी बैंक गाजियाबाद के खाते में गए हैं। शेष एक करोड़ 60 लाख रुपये तहसील प्रशासन ने अपने पास रख लिया है। डीसीओ ने बताया इस भुगतान के बाद सिंभावली मिल पर 2017.18 के पेराई सत्र का करीब 58 करोड़ रुपये बकाया रह जाएगा।
ब्रजनाथपुर मिल की चीनी भी होगी नीलाम
- जिले के गन्ना किसानों को उनके गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर जिला प्रशासन ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। अब सिंभावली शुगर मिल की यूनिट बृजनाथपुर की चीनी को भी नीलाम किया जाएगा। तहसीलदार सुरेंद्र सिंह ने बताया कि पांच जनवरी को जिला प्रशासन ने इस मिल की चीनी को नीलामी के लिए कुर्क करने की प्रक्रिया की थी। मिल ने इस नीलामी पर उच्च न्यायलय से स्टे ले लिया था, लेकिन न्यायालय ने 32 करोड़ की धनराशि सात फरवरी तक भुगतान करने के आदेश भी दिए थे, लेकिन शुगर मिल ने इन आदेशों का अनुपालन नहीं किया। जिसके बाद जिला प्रशासन ने शुक्रवार को दोबारा से रिकवरी की कार्रवाई करते हुए स्टॉक में उपलब्ध कुल 142605 क्विंटल चीनी की नीलामी 15 फरवरी को तहसील परिसर में करने की घोषणा की है।
भुगतान कराने के दिए सख्त निर्देश
- गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने गन्ना विभाग के अधिकारियों को किसानों का भुगतान कराने के कड़े निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में गन्ना विभाग ने सख्ती कर गन्ना भुगतान कराया है।