पुरानी पेंशन योजना के बहाली को सड़कों पर उतरे राज्य कर्मचारी
- सरकारी विभागों में कामकाज रहा ठप, फरियादियों को हुई परेशानी
- 31 अगस्त तक कार्य बहिष्कार का लिया निर्णय, विरोध में निकालेंगे महारैली
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग को लेकर सरकारी विभाग के अधिकारी, कर्मचारी तथा शिक्षकों ने एक जुट होकर कार्यबहिष्कार का निर्णय लिया। जिसके चलते जिले भर के सरकारी कार्यालयों में कामकाज ठप रहा वहीं स्कूलों में भी शैक्षिक कार्य प्रभावित रहा। मांगों के निस्तारण को लेकर जगह जगह पैदल मार्च निकाले गए। कर्मियों ने 31 अगस्त को जिले में महारैली निकालने का निर्णय लिया है।
उल्लेखनीय है कि पुरानी पेंशन की बहाली की मांग को लेकर राज्य कर्मचारी बीते काफी दिनों से मांग उठा रहे हैं। लेकिन समस्या का समाधान नहीं होने के विरोध में उत्तर प्रदेश अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक पेंशन बचाओ मंच के आह्वान पर तमाम राज्य कर्मियों ने बुधवार से कार्य का पूर्णत बहिष्कार का निर्णय लिया।
मंच के आह्वान पर बुधवार को राज्य कर्मचारी नगर पालिका परिसर में एकत्र हुए। इसके बाद जो सरकारी कार्यालय खुले हुए थे, कर्मचारियों ने उन्हें बंद करा दिया। कई कार्यालयों पर तो ताला भी जड़ दिया गया। नगर में पैदल मार्च निकालकर कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों के कार्यबहिष्कार के चलते सरकारी कार्यालयों में कामकाज पूर्णत बाधित रहा। ऐसे में जरूरी कार्य लेकर सरकारी कार्यालय पहुंचे फरियादियों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। मंच के जिलाध्यक्ष अनुज शर्मा ने बताया कि 31 अगस्त तक यह हड़ताल जारी रहेगी। 31 अगस्त को जिलेभर में रैली निकालकर जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
इस मौके पर विजयपाल, अमरीश, संदीप सिरोही, अंकुर त्यागी, जितेंद्र त्यागी, संजय शर्मा, प्रीति शर्मा, रविंद्र सिंह, शशि, अनुज कुमार, रोहताश सिंह, अनूप सिंह, राधेलाल आदि मौजूद रहे।
पिलखुवा निवासी रामवीर सिंह ने बताया कि वह जरूरी कार्य को लेकर हापुड़ आया था। लेकिन सरकारी विभागों में कामकाज नहीं किया जा रहा है। इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
तगासराय निवासी अशोक कुमार ने बताया कि हड़ताल के चलते काफी परेशानी हो रही है। वह जरूरी कार्य के लिए तहसील आया था। लेकिन वहां भी कामकाज नहीं किया जा रहा है।
फूलगढ़ी निवासी प्रवीण कुमार ने बताया कि फसलों संबंधी जानकारी के लिए कृषि विभाग में आया था। लेकिन सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल के कारण उसे मायूस होकर लौटना पड़ा।
ट्याला निवासी बुद्धन ने बताया कि खतौनी लेने के लिए वह तहसील आया था। लेकिन हड़ताल के कारण उसका कार्य नहीं हो सका। तीन दिन तक हड़ताल रहने से उन्हें काफी परेशानी होगी।