भू-माफियाओं पर शिकंजा कसेगा प्रशासन
- गौचर कब्जा मुक्त कराने को 10 जनवरी से अभियान
- बाबूगढ़ के तालाब में किए निर्माण पर चलेगा बुलडोजर
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। जिले भर में भू-माफियाओं के खिलाफ शिकंजा कसने की तैयारी है। अब तक करीब 20 भूमाफिया चिन्हित कर करीब 148 हेक्टेयर भूमि कब्जा मुक्त हो चुकी है। गांवों में कब्जाए गए गौचर मुक्त कराने के लिए 10 जनवरी से अभियान चलेगा।
कैंप कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत में जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश ने बताया कि शासन के नए आदेश पर प्रत्येक गांव में गौचर की जानकारी कर उन्हें कब्जा मुक्त कराए जाने की कार्रवाई 10 जनवरी से शुरू होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस मामले में किसी ने अड़चन पैदा करने का प्रयास किया तो उसे भू माफिया की सूची में डालकर मुकदमा दर्ज करा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। जिलाधिकारी ने बताया कि बाबूगढ़ कस्बे में प्रशासन की रोक के बावजूद एक तालाब पर कब्जा कर प्लाटिंग करने के साथ वहां निर्माण किए जाने की सूचना भी मिली है। इसी के बाद तहसीलदार को निर्देशित किया गया है कि उक्त स्थान का निरीक्षण कर जेसीबी मशीन चलाकर किए गए निर्माण को ध्वस्त किया जाए। एंटी भू-माफिया अभियान में करीब 20 लोगों को चिन्हित किया गया, जिनमें से कई के खिलाफ बहादुरगढ़ थाने में मुकदमा कायम कराया गया था। सबसे ज्यादा भूमाफिया बहादुरगढ़ और धौलाना थाना क्षेत्र में सक्रिय हैं।
कुष्ट आश्रम के पास बनेगा महिला थाना
जिलाधिकारी कृष्ण करुणेश ने बताया कि रेलवे पार्क के पास स्थित कुष्ठ आश्रम से आगे कब्जा मुक्त कराई गई करीब दो हजार वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर महिला थाना, उपभोक्ता फोरम कोर्ट और होमगार्ड के कमांडेंट का कार्यालय बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों से प्रस्ताव भेजने को कहा गया है।
आनन्द विहार में शिफ्ट होगा रोडवेज बस अड्डा
मेरठ रोड पर रोडवेज बस अड्डा घनी आबादी के बीच आने के कारण इस बस अड्डे को दिल्ली रोड पर आनन्द विहार में विस्थापित किये जाने की कवायद शुरू हो चुकी है।
जिलाधिकारी ने बताया कि हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण ने दिल्ली रोड पर अपनी आवासीय योजना आनंद विहार में बस अड्डे के लिए सात हजार वर्ग मीटर जमीन आरक्षित की है। हालांकि रोडवेज बस अड्डे के लिए करीब 20 हजार वर्ग मीटर जमीन की आवश्यकता है। उनका कहना था कि शेष भूमि की व्यवस्था के लिए प्राधिकरण और जिला प्रशासन के अधिकारी मिलकर कार्रवाई करेंगे। इस बस अड्डे के विस्थापित होने से जनता को राहत मिलेगी क्योंकि शहर में रोडवेज बसों का आवागमन कम हो जाएगा।