कोहरे के कहर से देरी से चलीं कई ट्रेनें
गढ़मुक्तेश्वर। घना कोहरा होने के कारण नेशनल हाईवे समेत मेरठ और बुलंदशहर रोड पर आने-जाने वाले वाहन चालकों को कोहरा छंटने तक वाहनों को होटल-ढाबों समेत सड़कों के किनारे रोकने को मजबूर होना पड़ा। जबकि दिन में भी वाहन लाइट जलाकर चलाने पड़े। मंगलवार देर रात करीब 12 बजे घने कोहरे की परत जम गई थी, जिससे यातायात व्यवस्था बुरी तरह पटरी से उतर गई। कोहरा इस कदर घना था कि ड्राइवरों को बीस गज दूरी पर भी कुछ दिखाई नहीं पड़ रहा था। इस कारण हादसों की संभावना के मद्देनजर उन्होंने वाहनों को होटल-ढाबों समेत रास्तों में रोक लिया। बुधवार दोपहर तक घना कोहरा छाया रहने से दिन में भी ड्राइवरों को वाहनों की लाइट जलाकर चलने को मजबूर होना पड़ा। इसके अलावा दिल्ली से लखनऊ की ओर जा रही काशी विश्वनाथ ट्रेन कोहरे के कहर के चलते रद्द कर दी गई, जबकि दिल्ली-लखनऊ रूट पर चलने वाली सत्याग्रह दो घंटा 21 मिनट, नौचंदी एक्सप्रेस 2 घंटा 53 मिनट, बरेली सिटी डेढ़ घंटा, मसूरी एक्सप्रेस और इंटरसिटी आधा-आधा घंटा देरी से आईं।
मौसम वैज्ञानिक डॉ.नफीस चौधरी का कहना है कि बारिश होने से वाष्पीकरण क्रिया तेजी हो गई है, जिससे कोहरा गिरने का सिलसिला चालू हो गया है। वातावरण में नमी बढ़ने से भाप ऊपर उठने की बजाए कोहरा बनकर वायुमंडल में घुल रही है।