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मंडी में शिफ्टिंग को लेकर भाकियू और प्रशासन आमने सामने आए

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मंडी शिफ्टिंग को लेकर हंगामा, कई लोग हिरासत में
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विधायक और एसडीएम ने मंडी का किया शुभारंभ, अधिग्रहित भूमि का रेट सर्किल आधार पर न मिलने से रोष
खींचतान और विरोध के चलते खरीद फरोख्त चालू नहीं हो पाई
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। मंडी शिफ्टिंग के दौरान कड़ा विरोध करने पर पुलिस-प्रशासन ने भाकियू नेता और दो महिलाओं समेत कई किसानों को हिरासत में ले लिया। इससे पहले विधायक और एसडीएम ने मंडी का शुभारंभ किया, लेकिन हंगामा होने से पहले दिन खरीद फरोख्त चालू नहीं हो पाई।
गढ़ में हाईवे किनारे करीब चार करोड़ की लागत से 2006 में तैयार उप कृषि मंडी 11 साल के इंतजार के बाद मंगलवार को शुरू हो गई। इसका शुभारंभ क्षेत्रीय विधायक कमल मलिक और एसडीएम मीनू राणा ने किया। इस दौरान डीएसपी संतोष मिश्रा, तहसीलदार मनोज कुमार और मंडी सचिव शिवकुमार भी मौजूद रहे। जिस भूमि को अधिग्रहित कर मंडी का निर्माण कराया गया है उससे संबंधित किसानों को सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा मिले बिना मंडी में शिफ्टिंग का विरोध कर रही भाकियू को जैसे ही मंडी चालू होने की खबर मिली तो सैकड़ों कार्यकर्ताओं समेत संबंधित अपने परिजनों को साथ लेकर मंडी में पहुंचकर हंगामा करने लगे। भाकियू कार्यकर्ता और किसानों का हंगामा होने की सूचना मिलते ही एसडीएम और डीएसपी बड़ी तादाद में पुलिस को साथ लेकर दोबारा मंडी में पहुंच गए। हंगामा न थमता देख आला अफसरों के निर्देश पर पुलिस ने भाकियू मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा को हिरासत में कोतवाली को ले आई, जिस पर कार्यकर्ताओं समेत संबंधित किसान बुरी तरह बिफर पड़े। उन्हें शांत करने के लिए पुलिस ने किसान माशाअल्ला, अनवार, इकराम, कुदरत उल्ला, नुसरत उल्ला समेत उनके परिवारों से जुड़ी रुकैया और आसमा को भी हिरासत में लेकर कोतवाली पहुंचा दिया। उसके बाद मंडल सचिव रामपाल चौहान, शब्बू चौधरी, गुलजार खां, प्रधान फराहीम हारून, मुबारक खां, राहत अली, मुनाजरी, अफसरी, मंजो, अफसाना, नईमा समेत सैकड़ों कार्यकर्ता और किसानों ने जमकर हंगामा किया।
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धरने के दौरान किसान परिवार से जुड़ी अफसरी की तबियत बिगड़ गई, जिसे डीएसपी ने महिला कांस्टेबल के साथ सीएचसी को भिजवा दिया। करीब दो घंटे तक चले इलाज के बाद तबियत में सुधार होने पर वह फिर से मंडी में चल रहे धरने में शामिल होने पहुंच गई।
भाकियू मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा और कई किसानों को हिरासत में लेने की खबर मिलते ही मंडल अध्यक्ष मांगेराम त्यागी दर्जनों कार्यकर्ताओं के साथ मंडी में पहुंच गए, जो पुलिस-प्रशासन पर दमनात्मक कार्रवाई करने का आरोप लगाकर हंगामा करते हुए हिरासत में लिए गए सभी लोगों को रिहा करने की मांग पर अड़ गए। इस पर पुलिस-प्रशासन ने दिनेश खेड़ा समेत हिरासत में ली गईं महिला और किसानों को दोबारा मंडी में ले जाना पड़ा।
मंडल अध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत इन दिनों विदेश यात्रा पर गए हुए हैं, जिनसे पुलिस ज्यादती को लेकर मोबाइल पर वार्ता की गई है। जो विदेश से लौटकर 19 दिसंबर को गढ़ की मंडी में महापंचायत करेंगे, जिसमें किसानों को मुआवजा मिले बिना चालू कराई गई मंडी को बंद कराने के लिए चलाए जा रहे आंदोलन को धार देने की रणनीति तैयार की जाएगी।
पहले दिन नहीं हो पाई कोई खरीद फरोख्त
क्षेत्रीय विधायक और एसडीएम ने आनन फानन में मंडी का शुभारंभ किया, तो कई व्यापारी अपने साजो सामान समेत सैकड़ों क्विंटल धान लेकर मंडी पहुंच गए। भाकियू और किसानों का हंगामा होने पर पहले दिन मंडी में कोई भी खरीद फरोख्त चालू नहीं हो पाई।
मंडी में खोली गई पुलिस चौकी
मंडी में शिफ्टिंग करने वाले व्यापारियों ने भाकियू और किसानों का विरोध होने सेे अपनी जानमाल की सुरक्षा को खतरा बताया। इस पर डीएसपी संतोष मिश्रा ने कप्तान से बातचीत कर मंडी में चौकी खुलवाकर उस पर स्टाफ की तैनाती भी करा दी है।
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मंडी परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गई
भाकियू और किसानों का हंगामा होने पर पुलिस-प्रशासन के होश उड़ गए। इस पर गढ़ समेत बहादुरगढ़ और सिंभावली थानों की पुलिस समेत पीएसी को भी मौके पर बुला लिया गया। इससे मंडी परिसर छावनी में तब्दील हो गया, जबकि किसान परिवारों से जुड़ीं महिलाओं ने धरने पर बैठे लोगों के लिए मंडी परिसर में ही चूल्हा चौका जमाकर चाय से लेकर नाश्ते तक की व्यवस्था की।
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