फोटो संख्या 02एचपीआर पीएच-12
दुकानों को गिराने पहुंची एचपीडीए की टीम, फूटा गुस्सा
- दिल्ली रोड स्थित सबली गेट के पास बनी दुकानों का हाईकोर्ट में चल रहा है केस
- नोटिस नहीं देने पर दुकानदारों ने एचपीडीए पहुंचकर किया अधिकारियों का घेराव
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़।
दिल्ली रोड पर सबली कट के पास प्रस्तावित आनंद विहार योजना में आ रही दुकानों के ध्वस्तीकरण के लिए पहुंची प्राधिकरण की टीम को देख लोग भड़क गए। लोगों का गुस्सा देख टीम को वापस लौटना पड़ा। दुकानदारों ने मामला हाईकोर्ट में लंबित होने की बात कहते हुए कार्रवाई नहीं करने देने की बात कही, जिस पर प्राधिकरण ने 20 अगस्त तक कोर्ट से स्टे लाने का समय दिया है।
हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण ने कुछ साल पहले आंनद विहार योजना के लिए दिल्ली रोड और आसपास की जमीन का अधिग्रहण किया था, जिसमें सड़क किनारे स्थित दुकानें और उनके पीछे का बड़ा हिस्सा शामिल है। इस अधिग्रहण का विरोध करते हुए किसानों और दुकानदारों ने मुआवजा लेने से इंकार कर दिया। दुकानदार और किसान मामले को लेकर हाईकोर्ट चले गए। अब वाद हाईकोर्ट में लंबित है।
इस मामले को लेकर बुधवार को बिना कोई नोटिस दिए प्राधिकरण की टीम सबली गेट के पास स्थित दुकानों को गिराने के लिए पहुंच गए। मामले की जानकारी होते ही भवन बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारी और अन्य किसान मौके पर पहुंच गए। ललित कुमार छावनी वाले, रमन गोयल, हरिप्रकाश त्यागी, सोनू त्यागी सहित जमा सैंकड़ों लोगों ने टीम का विरोध शुरू कर दिया। हंगामा होते देख टीम वापस लौट गई। इसके बाद लोग एचपीडीए कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से मिले और हाईकोर्ट में वाद का हवाला देते हुए कार्रवाई का विरोध किया। जिस पर अधिकारियों ने शासन से दबाव की बात करते हुए कोर्ट की बात को दरकिनार कर दिया। काफी हंगामे के बाद 20 अगस्त तक कार्रवाई न करने पर सहमति बन गयी।
इस संबंध में वीसी गया प्रसाद ने कहा कि लोगों को 20 अगस्त का समय दिया गया है। इस बीच हाईकोर्ट से स्टे आता है तो कार्रवाई नहीं होगी। अन्यथा दुकानों का ध्वस्तीकरण कराया जाएगा।