हापुड़। अटूटा छोईया के पास 33 केवी लाइन शिफ्ट किए जाने के मामले में दो अधिशासी अभियंताओं की कमेटी ने जांच से इन्कार कर दिया है। इस प्रकरण में अब विजिलेंस को जांच सौंपी गई है। बृहस्पतिवार को विजिलेंस ने मौका स्थल पर जाकर निरीक्षण किया। संभवत शुक्रवार को इसकी रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
दरअसल, हाईवे किनारे जा रही 33 केवी लाइन को ऊंचा करने का एस्टीमेट बनाया गया था। जिसकी आड़ में लाइन को शिफ्ट भी कर दिया गया। इस मामले में संबंधित खंड के अधिकारियों की संलिप्ता सामने आई। एक्सईन गढ़ ने इस प्रकरण की जांच रिपोर्ट कई दिन पहले ही अधिकारियों को प्रेषित कर दी है।
लेकिन मामले की गहन जांच के लिए मुख्य अभियता द्वारा हापुड़ एक्सईन और पिलखुवा एक्सईन को शामिल कर एक कमेटी का गठन किया था। लेकिन इस कमेटी ने किंही कारणों का हवाला देकर जांच करने में असमर्थता जता दी। जांच लंबी न खिंचे, इसे लेकर अब पूरे प्रकरण की जांच विजिलेंस को सौंपी गई।
बृहस्पतिवार शाम को अधीक्षण अभियंता कार्यालय में विजिलेंस और गढ़ एक्सईन पहुंचे। उच्चाधिकारी का मार्गदर्शन पाकर विजिलेंस और एक्सईन गढ़ संंबंधित स्थान पर जांच करने पहुंचे। जहां पुरानी लाइन और नई लाइन के चार्ट को देखने के साथ ही आवश्यक बिंदुओं पर भी जांच की गई।
करीब एक घंटा तक अधिकारियों की टीम मौका स्थल पर रही। अधिशासी अभियंता अनुज जयसवाल ने बताया कि पूरे प्रकरण में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पूरा प्रकरण सामने आ सके, इसके लिए सघन जांच की जा रही है।
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-विजिलेंस कर रही मामले की जांच-
हाल ही में गठित अधिशासी अभियंताओं की कमेटी ने जांच करने में असमर्थता जतायी है। अब विजिलेंस को प्रकरण की जांच सौंपी गई है। बृहस्पतिवार को टीम ने मौका स्थल पर भी जांच की है।एसके अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता।