फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुपोषण या भुखमरी से मौत पर नपेंगे अफसर

विज्ञापन
विज्ञापन
कुपोषण या भुखमरी से मौत हुई तो नपेंगे अफसर
विज्ञापन

-कर्ज को लेकर किसान के आत्महत्या करने पर प्रशासन होगा जिम्मेदार
-संबंधित ग्राम प्रधान से लेकर डीएम तक पर होगी कार्रवाई
नितिन दीक्षित
हापुड़। कुपोषण या भुखमरी से किसी भी गांव में मौत होने व किसान के आत्महत्या करने पर इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। शासन की ओर से जारी आदेश के तहत इस तरह के मामले आने पर संबंधित प्रधान से लेकर डीएम तक पर कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।
अपर मुख्य सचिव चंचल कुमार तिवारी की ओर से जारी आदेशों में कहा गया है कि जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि प्रदेश में कुपोषण, भुखमरी से मौत या किसी भी कारणों से किसानों द्वारा आत्महत्याएं की घटनाएं न हो। आदेशों में कहा गया है कि पात्र लोगों को हर हाल में चिन्हित किया जाए। ग्राम प्रधान एवं ग्राम पंचायत सचिव के माध्यम से ग्राम सभा की बैठक आयोजित कराई जाए। उसके बाद ग्राम्य विकास, समाज कल्याण, खाद्य एवं रसद विभाग, महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार आदि विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के अंतर्गत पात्र लोगों को लाभ दिया जाए।
विज्ञापन

स्थिति में सुधार के आदेश
डीएम कृष्णा करुनेश का कहना है कि कुपोषण और भुखमरी के कारण कोई दुखद घटना न हो इसके लिए पहले ही अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
बच्चों तक नहीं पहुंच पाती मदद
शासन की ओर से कुपोषित बच्चों तक लाभ पहुंचाने के लिए विशेष योजनाएं चलाई गई हैं। पोषाहार के साथ इन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषक तत्वों से युक्त दोपहर का भोजन दिया जाता है। बच्चों को दूध और फल देने का भी प्रावधान है, लेकिन पात्र बच्चों तक मदद नहीं पहुंच पाती। इस कारण कुपोषित बच्चों की हालत काफी चिंताजनक है। फ्रीगंज रोड पर रहने वाले गरीब परिवारों के अधिकतर बच्चे कुपोषित हैं। यहां रहने वालों ने बताया कि बच्चों को कोई सरकारी सहायता नहीं मिल रही है। हालत यह है कि बच्चों की उनकी उम्र के हिसाब से बढ़ोतरी नहीं होती।
विज्ञापन


जिले में कुपोषित बच्चों की स्थिति
ब्लाक कुपोषित अतिकुपोषित
हापुड़ 6053 2110
धौलाना 3140 1509
सिंभावली 3077 1571
गढ़ 5014 1755
कुल 17284 6945

जिला कार्यक्रम अधिकारी सावित्री देवी का कहना है कि जिले में कुपोषित बच्चों को चिन्हित करने के लिए हाल ही में वजन दिवस का आयोजन किया गया था। इसमें चिन्हित बच्चों को कुपोषित स्थिति से उबारने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि बीच में आंगनबाड़ियों की हड़ताल के कारण कुछ व्यवधान जरूर आया है, लेकिन बच्चों की स्थिति में सुधार के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें