किसान ने खेत में फेंके आलू के 200 कट्टे
उचित दाम न मिलने के कारण किसान अपनी फसल को खुद बर्बाद करने को मजबूर हैं। शुक्रवार को शकरपुर गांव में एक किसान ने आलू के करीब 200 कट्टे खेत में फेंक सरकार की नीतियों का विरोध किया।
बाबूगढ़ के गांव शकरपुर निवासी किसान सोहनपाल ने अपने खेत में 20 बीघा आलू की फसल बोई थी, जिसमें करीब 250 कट्टे आलू की पैदावार हुई। कोल्ड स्टोरेज में जगह न होने के कारण सोहनपाल अपनी फसल कोल्ड स्टोर में नहीं रख सका।
बाजार में उचित दाम न मिलने के कारण उसने अपनी फसल घर पर ही रख ली। सोहन पाल ने बताया कि किसान के पास जीवन यापन करने के लिए खेती एकमात्र सहारा होता है, लेकिन कई माह के मेहनत व फसल की बुवाई में पैसा खर्च करने के बाद भी उसे फसल का उचित दाम नहीं मिल पाता।
ऐसे में किसान के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। आलू के सही दाम न मिलने पर शुक्रवार को सोहनपाल ने आलू के करीब 200 कट्टे खेत में ही फेंक दिए, जिससे उसके सामने अब आर्थिक संकट पैदा हो गया है।
किसान सोहनपाल का कहना है कि फसल की अच्छी पैदावार होने के कारण उसे अच्छे दाम मिलने की उम्मीद थी, लेकिन उचित दाम न मिलने से उसे अपनी फसल खेत में फेंकनी पड़ी है। एसडीएम अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है।