मेला प्रशासन के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर सोमवार को करीब 30 लाख भक्तों ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। भक्तों ने गरीब-निराश्रितों को दान समेत विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर पुण्य अर्जित किया। इसके साथ ही गंगा मेले में आए हुए श्रद्धालुओं के लौटने का सिलसिला भी जारी हो गया।
कार्तिक पूर्णिमा को मुख्य स्नान पर्व पर दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब समेत पश्चिमी यूपी के विभिन्न जनपदों से भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान पुलिस-प्रशासन द्वारा की गई सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह बौनी साबित हो गईं।
सब कुछ गंगा मैया की कृपा पर चलता रहा। पंचांग के अनुसार चुतर्दशी का समापन होने पर कार्तिक पूर्णिमा का स्नान रविवार रात 11.17 बजे से शुरू होना था, परंतु दीपदान समाप्त होते ही गंगा में डुबकी लगाने और अपने गंतव्य स्थलों को वापिस लौटने का क्रम प्रारंभ हो गया था।
मेलाधिकारी आरएन पांडेय और मेला सीओ सतीश चंद्र पांडेय ने बताया कि खादर मेले में 21 लाख और ब्रजघाट के शहरी मेले में इस बार 9 लाख से अधिक भक्तों ने गंगा में डुबकी लगाई।