हापुड़। हाईवे पर वाहन बेलगाम दौड़ रहा हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सप्ताह में दो दिन कार्रवाई करने वाले इंटरसेप्टर वाहन ने पिछले दस माह में ओवर स्पीड के 2375 चालान काटे हैं और 5.60 करोड़ का जुर्माना वसूला है। इनमें कारव बाइक के साथ बड़े और भारी वाहन भी शामिल हैं। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि हाईवे पर होने वाली अधिकतर दुर्घटनाएं तेज गति के कारण ही हो रही हैं।
जिले से दो हाईवे गुजर रहे हैं। वाहनों की गति पर लगाम लगाने के लिए आधुनिक हाईवे पर कैमरे लगाए जाते हैं, जो 100 किमी से अधिक गति होने पर ऑटोमेटिक चालान काट सकते हैं। लेकिन फिलहाल जिले में यह व्यवस्था लागू नहीं हुई है। हाईवे 9 और हाईवे 334 पर बाइक के लिए रफ्तार की सीमा 80 किमी, बड़े वाहनों जैसे बस, कार और ट्रक आदि के लिए 100 किमी प्रति घंटा है निर्धारित है। इन हाईवे पर इंटरसेप्टर वाहन से ही चालान काटे जाते हैं। यह वाहन सप्ताह में दो दिन जिलेे में तैनात रहता है। सड़क किनारे वाहन को खड़ा करके इससे ही चालान काटे जाते हैं। लेकिन इसके बाद भी वाहनों की तेज गति पर लगाम नहीं लग पा रही है। एक अप्रैल 2024 से अभी तक इस इंटरसेप्टर वाहन ने 2375 वाहनों के चालान काटे हैं। इसके साथ 5.60 करोड़ का जुर्माना भी वसूला है।
इंटरसेप्टर कैमरे से ओवर स्पीड में चल रहीं कार और दोपहिया वाहन का 2000 रुपये, जबकि बड़े और भारी वाहन का 4000 रुपये का चालान कटता है। लेकिन इसके बाद भी वाहन चालकों में गति को लेकर जागरूकता नहीं आ रही है। जिले में काटे गए चालान में तेज गति से कार और बाइक चलाने के 1950 चालान शामिल हैं।
एआरटीओ प्रवर्तन रमेश चौबे ने बताया कि हाईवे पर अधिकतर दुर्घटनाएं ओवर स्पीड के कारण हो रही हैं। जिसे लेकर लगातार चालान काटे जा रहे हैं। जिसमें जनवरी माह में ही 182 वाहनों का तेज गति में चालान किया गया है। आज भी ओवर लोडिंग, बिना परमिट और कर बकाया व एनजीटी के अभियोग में आठ वाहनों का निरुद्ध किया गया है। इसके अलावा 38 वाहनों का चालान किया गया है।
चालान के बाद भी नहीं रुक रहीं दुर्घटनाएं
वर्ष दुर्घटनाएं घायल मौत
2018 359 317 250
2019 364 303 252
2020 307 235 183
2021 304 244 186
2022 333 250 210
2023 347 295 207
2024 210 299 168