गढ़मुक्तेश्वर। गांव अक्खापुर के जंगल में सोमवार को गन्ने की फसल की कटाई करने के दौरान मजदूरों को नील गाय के अवशेष दिखाई दिए, जिन्हें देखकर ऐसा लग रहा है कि उसे किसी जंगली जानवर ने अपना निवाला बनाया है। वहीं, करीब एक सप्ताह पहले इसी खेत के आसपास किसानों को तेंदुआ भी दिखाई दिया था। दौताई के जंगल में भी तेंदुए का जोड़ा नजर आ चुका है। जिसके कारण किसानों और ग्रामीणों की दहशत का माहौल है।
नवीन चौधरी ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले जंगल में गन्ने के खेत के पास किसानों के सामने तेंदुआ आ गया था, जो चकमार्ग से होकर दूसरे खेत में घुस गया। सोमवार को गन्ने की कटाई के दौरान खेत में नील गाय के अवशेष मिले हैं। ऐसे में लग रहा है कि किसी जंगली जानवर ने इसका शिकार किया है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव दौताई के जंगल में भी शनिवार की शाम तेंदुए दिखाई दे चुके हैं, लेकिन वन विभाग के अधिकारी पंजों के निशान को किसी अन्य जानवर का बता रहे हैं। किसानों का कहना है कि गन्ने की फसल की कटाई चल रही है, मिल से पर्ची मिलने पर गन्ना पहुंचाना है, इसके अलावा गेहूं, सरसों व अन्य फसलों की देखरेख भी जरूरी है। लेकिन, जंगल में तेंदुए होने की आशंका के कारण वह लोग काफी डरे हुए हैं। ऐसे में पशुओं के लिए चारे का भी संकट उत्पन्न हो जाएगा। ग्रामीणों और किसानों ने वन विभाग के अधिकारियों से तेंदुए को पकडऩे के लिए कांबिंग और पिंजरा लगवाने की मांग की है।
वन क्षेत्राधिकारी करन सिंह ने बताया कि दौताई के आसपास के जंगल में कांबिंग कराई गई हैं, जंगल में मिले पंजों के निशान तेंदुए के नहीं है। इसके बावजूद गांव अक्खापुर में भी जांच कराई जाएगी।