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मिनी कुंभ: गंगा तीरे तंबुओं की महानगरी बसी, दोनों किनारे हुए गुलजार
- तीन लाख श्रद्धालुओं ने पड़ाव डाला, भक्ति में मस्ती के अनूठे संगम में हर तरफ रौनक
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। उत्तर भारत के मिनी कुंभ कहलाने वाले पौराणिक मेले में तीन लाख से अधिक भक्तों ने टेंट-तंबू गाढ़कर पड़ाव डाल लिया है। इससे गंगा के दोनों किनारे रंग-बिरंगी रोशनी से झिलमिला उठे हैं। मेले में हर ओर भक्ति और मस्ती का आलम है।
पौराणिक खादर मेले में 19 नवंबर को देवोत्थान एकादशी पर होने वाले स्नान में भाग लेने के लिए भक्तों का आगमन तेजी से हो रहा है। गढ़ समेत जंगल से होकर मेले को जा रहे सभी संपर्क मार्गों पर भक्तों से भरे वाहनों की तादाद बढ़ती जा रही है। इनमें सवार महिला-बच्चों समेत हर किसी को जल्द से जल्द मेले में पहुंचने की धुन सवार है। वहीं विभिन्न जनपदों से आकर पड़ाव डाल चुके परिवार भक्ति और मस्ती का अनूठा संगम कहलाए जाने वाले इस मेले का मनचाहे ढंग में लुत्फ लेने में जुटे हुए हैं। अस्थाई स्नान घाटों पर गंगा में डुबकी लगाने वालों का तांता लगा हुआ है। श्रद्धा के सैलाब में हर पल तेजी आती जा रही है। इससे मेले की रंगत अद्भुत छटा बिखेर रही है। मेलाधिकारी ज्योति राय और मेला सीओ पवन कुमार का कहना है कि गंगा भक्तों से जुड़ी सुविधा और सुरक्षा बंदोबस्त में कोई खामी बाकी नहीं रहने दी जाएगी।
कबड्डी और कुश्ती के अखाड़े जमे
खादर मेले के मेरठ सेक्टर में युवा वर्ग गंगा में डुबकी लगाने के साथ ही बालू रेत में कबड्डी और कुश्ती के दाव पेंच खेलकर खूब मौज मस्ती कर रहा है। वहीं समसामयिक मुद्दों पर चर्चा भी चल रही है।
सस्ते गल्ले की दुकानों में चाय, पकौड़ी और सब्जी बिक रही
मेले में आने वाले गरीब-मजदूर परिवारों की सुविधा के लिए प्रशासनिक स्तर से खादर और पशु मेले में सरकारी सस्ते गल्ले की 14 दुकान लगवाई गई हैं। इन पर केरोसिन के साथ चावल समेत राशन सामग्री का वितरण होना है। लाखों भक्तों के पड़ाव डालने के बाद भी इन दुकानों में राशन और केरोसिन का वितरण चालू नहीं हो पाया है, क्योंकि सरकारी सस्ता गल्ला की अधिकांश दुकानों में चाय-पकौड़ी के साथ ही सब्जी की बिक्री हो रही है।
किसानों में गन्ना भुगतान की चर्चा
मेले में पहुंचकर हर कोई भक्ति में मस्ती के अनूठे संगम में गंगा स्नान और पूजा अर्चना करने के साथ ही मनचाहे ढंग से मौज मस्ती करने में व्यस्त है, लेकिन अपने कैंपों हुक्का गुड़गुड़ा रहे किसानों में अब तक गन्ना रेट घोषित न होने और पिछले साल का बकाया पेमेंट न मिलने को लेकर चर्चा हो रही है। रालोद जिलाध्यक्ष उदयवीर तेवतिया, युवा मंडल अध्यक्ष गौरव प्रताप चतौधरी, सन्नी चौधरी का कहना है कि मिल चालू होने के बाद भी सरकार द्वारा गन्ना रेट घोषित न करना और पिछले साल के बकाया पेमेंट की अदायगी न कराना सीधे तौर पर किसानों के साथ धोखा है, क्योंकि अपनी ही फसल का पेमेंट न मिलने से जरूरतमंद किसानों को ब्याज पर कर्ज लेने को मजबूर होना पड़ रहा है।
धीरे-धीरे दुरुस्त हो रहीं व्यवस्थाएं
मेले में धीरे-धीरे व्यवस्थाएं दुरुस्त हो रही हैं। सुरक्षा के लिहाज से प्रदेश के विभिन्न जनपदों से तीन हजार से भी अधिक पुलिस कर्मी आने हैं, जिनकी आमद को रिजर्व पुलिस लाइन बनाई गई है। मेला स्थल समेत संपर्क रास्तों पर महिला समेत 22 थाने भी बनाए गए हैं। वॉच टावर लग चुके हैं, जिन पर तैनात होने वाले पुलिस कर्मी सीसी टीवी कैमरे और दूरबीनों के माध्यम से भीड़ की निगरानी का जिम्मा संभालेंगे। गढ़ समेत मेले को जाने वाले रास्तों की मरम्मत से लेकर संपर्क मार्ग और मेला स्थल पर 26 किलोमीटर से भी अधिक अस्थाई कच्ची सड़क और कई स्थानों पर पुल बनाए गए हैं। आग की घटनाओं को रोकने के लिए दमकल विभाग तैनात है, तो शराब की सप्लाई रोकने के लिए आबकारी टीम चेकिंग में जुटी है। डाकघर से लेकर पैसों के लेनदेन को मोबाइल एटीएम की सुविधा मौजूद है। संपर्क रास्तों पर बिजली और मेला क्षेत्र में जेनरेटर के माध्यम से बिजली सप्लाई दी जा रही है। फिलहाल झूला, सर्कस और मौत के कुएं जैसे मनोरंजन के साधन न लगने से सदर बाजार की रंगत फीकी चल रही है तो मीना बाजार में बच्चों के खेल खिलौने और महिलाओं के सौंदर्य प्रसाधन सामग्री की दुकानें सजने लगी हैं। पीने के पानी को साढ़े चार सौ से अधिक हैंडपंप लगने हैं। करीब 16 सौ शौचालयों समेत डूबने से बचाने को गोताखोरों समेत 51 नाव, पीएसी और रिवर्स पुलिस की बटालियन भी तैनात है। खादर मेले में मेरठ, दिल्ली, बुलंदशहर, हापुड़ समेत कुल 14 सेक्टर बनाए गए हैं। कुल मिलाकर गंगा के किनारे गढ़ खादर, तिगरी और ब्रजघाट में आयोजित हो रहे मेलों से तंबुओं की महानगरी जैसा माहौल बना हुआ है, जहां दिन रात पुलिस-प्रशासन, जिला पंचायत समेत संबंधित विभागों से जुड़े अमले की गाड़ियों के हूटर गूंज रहे हैं। ब्यूरो