परिवार के एक सदस्य को नौकरी और उचित मुआवजा दे सरकार
हापुड़। डेडिकेटेड ईस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर रेल परियोजना के तहत गांव तुमरैल में रेलवे व विश्व बैंक के अफसरों ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर प्रभावित किसानों की समस्याएं सुनीं। किसानों ने अनुदान की राशि बढ़ाकर दिलाने व चिह्नित की गई जमीन से अधिक अधिग्रहित भूमि का मुआवजा दिलाने की मांग उठाई।
गौरतलब है कि रेलवे की डेडिकेटेड ईस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर रेल परियोजना के लिए हापुड़ जिले के अनेक गांवों में जमीन अधिग्रहित की गई है। इसके लिए रेलवे ने किसानों को सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा व अनुदान के रूप में प्रत्येक किसान को करीब 5.50 लाख रुपये देना सुनिश्चित किया है। अधिकांश किसानों को इसका लाभ मिल भी चुका है। इस सिलसिले में रेलवे व विश्व बैंक के अफसरों ने गांव तुमरैल में प्रभावित किसानों के साथ बैठक की। किसान संदीप शर्मा ने बताया कि शुरूआत से ही किसानों की मांग परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने की रही है। रेलवे द्वारा अनुदान 5.50 लाख रुपये निर्धारित किया गया है, इसमें बढ़ोत्तरी की जाए। उन्होंने बताया कि रेल परियोजना के तहत चिह्नित की गई जमीन से कहीं अधिक जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है। इसका किसानों को कोई मुआवजा भी नहीं दिया गया है। किसानों को इसका उचित मुआवजा दिलाया जाए या फिर उनकी जमीन को वापस किया जाए।
ग्रामीणों ने बताया कि रेलवे ने अधिग्रहित की गई जमीन में लगे विद्युत पोलों को गलत तरीके से उनके खेतों में लगा दिया है, जिससे काफी फसल भी बर्बाद हो गई है। इसका मुआवजा भी किसानों को मिले। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी राकेश व विश्व बैंक के अफसरों ने ग्रामीणों की समस्या के निस्तारण का आश्वासन दिया है। बैठक में सुनील शर्मा, दीपांशु शर्मा, सुधीर शर्मा, जय किशन शर्मा, कुलदीप बाना, शेखर, चुन्नी लाल, संजीव त्यागी, नीरज, अनिल, मयंक, मदन लाल, सतेंद्र शर्मा, सुशील, सुबोध त्यागी, चेतन प्रकाश, बबलू शर्मा, महेंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे।