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इंतजाम धड़ाम, हाईवे पर सात घंटे जाम

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इंतजाम धड़ाम, हाइवे पर सात घंटे जाम
गढ़मुक्तेश्वर। पुलिस और प्रशासन की बदइंतजामी एक बार फिर गंगा स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं पर भारी पड़ी। वाहनों का दबाव बढ़ने के कारण पितृ विर्सजनी अमावस्या पर हाइवे सात घंटे तक जाम से जूझता रहा। हाइवे पर करीब छह किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लगी रहीं। घाट तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को कई मील पैदल चलना पड़ा। इस दौरान बच्चे भूख प्यास से बिलखते रहे।
पितृ विसर्जनी अमावस्या के मद्देनजर गंगा भक्तों की भीड़ उमड़ने से वाहनों का दबाव बढ़ने पर मंगलवार तड़के करीब चार बजे से दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाइवे पर भीषण जाम लग गया। इससे गढ़ में बदरखा मोड़ और अमरोहा के गजरौला तक दोनों साइडों में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब एक घंटे तक कार जैसे वाहन बागड़पुर और महमाई रोड के वैकल्पिक रास्तों से होकर निकलते रहे, लेकिन इसके बाद ये रास्ते भी जाम के कारण बंद हो गए। इससे पितृ विसर्जनी अमावस्या के मद्देनजर तीर्थनगरी को आ रहे भक्तों को अपने वाहन स्याना चौपला के पास सड़क किनारे छोड़कर ब्रजघाट गंगानगरी में पहुंचने के लिए कई मील पैदल चलना पड़ा। वहीं अन्य राहगीरों को भी जाम के कारण खासी परेशानी झेलनी पड़ी।
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तीन घंटे बाद जागे पुलिस अधिकारी
हाइवे पर सुबह करीब चार बजे से ही वाहनों के पहिए थमने लगे थे। इस दौरान कई मुख्य स्थानों पर तैनात पुलिस कर्मी गायब थे। सुबह सात बजे के आसपास सीओ पवन कुमार, इंस्पेक्टर एनके सिंह, एसएसआई सुभाष यादव और चौकी इंचार्ज केपी सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने पुल के पास खड़े वाहनों को हटवाकर यातायात सुचारु करवाया। बमुश्किल 15 मिनट यातायात चालू रहा। इसके बाद फिर जाम लग गया, जो दोपहर करीब दो बजे खुल पाया।
नहीं डायवर्ट किया गया था रुट
नेशनल हाइवे पर लगे जाम के लिए इस बार भी पुलिस की चूक मुख्य वजह रही। ब्रजघाट गंगानगरी को जाने वाले मुख्य रास्तों समेत गंगा पुल के पास हाइवे की दोनों साइडों में डग्गामार वाहन खड़े होने के साथ ही रूट डायवर्जन की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। इसके कारण जाम की स्थिति बन गई।
भीड़ में घंटों फंसे रहे बच्चे
जाम में बहुत सारे लोग परिवार के साथ थे। इनमेें कई छोटे बच्चे भी थे। लंबे समय तक जाम में फंसे होने के कारण बच्चे भूख और प्यास से बेहाल हो गए। इस दौरान कुछ फेरी वाले पानी आदि लेकर घूमते रहे, लेकिन जाम का फायदा उठाते हुए उन्होंने भी दोगुने रेट पर सामान बेचे।
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खिड़की पर लटक कर की यात्रा
दोपहर में जैसे ही दिल्ली की तरफ से पुष्पुल पैसेंजर ट्रेन आई तो ब्रजघाट स्टेशन पर खड़ी हजारों की भीड़ उसकी तरफ उमड़ पड़ी। इससे महिला, बच्चे, बुजुर्ग और रोगियों को ट्रेन के अंदर घुसने का मौका तक नहीं मिल पाया। ट्रेन में चढ़ने से वंचित रहने वाले युवक जान जोखिम में डालकर खिड़की पर लटककर अपने गंतव्य स्थलों की तरफ रवाना हो गए।
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