बिजली निगम के मीटर विभाग में लाखों का घोटाला
हापुड़। बिजली निगम के मीटर विभाग में कर्मचारियों की मिलीभगत से लाखों का घोटाला सामने आया है। निगम कर्मियों ने सही मीटर की सीलिंग रिपोर्ट पर आईडीएफ दर्शाकर करीब एक लाख रुपये की रीडिंग को खत्म कर मीटर को बदल दिया। इस मामले का खुलासा होते ही अफसरों ने एई मीटर को जांच सौंपकर सात दिन में आख्या मांगी है। इस तरह के मामले में पहले भी एसई, ईई समेत चार अधिकारियों के तबादले हो चुके हैं।
जानकारी के अनुसार बाबूगढ़ क्षेत्र में 21 मार्च 2018 को मीटर विभाग के कर्मचारियों ने कॉमर्शियल कनेक्शन के लिए लगे मीटर को आईडीएफ दिखाकर बदल दिया था। सीलिंग रिपोर्ट में सिर्फ 2609 यूनिट दर्शाई गई। जबकि इससे पूर्व जारी बिलों में यूनिट 14238 दर्शाई जा रही थी और मीटर भी ओके था।
यदि मीटर खराब हो जाता है तो आईडीएफ दर्शाकर उसकी बदली में निगम अफसर कई महीने निकाल देते हैं, लेकिन यहां मार्च 2018 में मीटर रीडर की ओर से जिस मीटर में 14238 यूनिट दर्शाई गई थी और मीटर पर भी ओके की रिपोर्ट थी। निगम कर्मियों ने उपभोक्ता से साठगांठ कर मार्च महीने में ही उसे आईडीएफ दिखाकर बदल दिया।
कुल मिलाकर उस घोटाले से निगम को करीब एक लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इसके अलावा मंगलवार को निगम कार्यालय पहुंचे श्रीनगर निवासी राहुल सिंह, आदर्शनगर कालोनी निवासी, शिवराज, पीरबाउद्दीन निवासी रफीक अहमद ने बताया कि उनके घरों में लगा मीटर सही चल रहा था, लेकिन जांच के नाम पर मीटर के साथ छेड़छाड़ दिखा दी गई, सुविधा शुल्क न देने पर उन पर जुर्माना ठोकने की बात कही जा रही है।
एक वर्ष पूर्व मीटर की रीडिंग के साथ छेड़छाड़ करने के मामले में अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, एसडीओ, जेई पर गाज गिर गई थी, सभी का जिले से तबादला कर दिया गया था, लेकिन अब फिर से इस तरह के घोटालों की रूपरेखा तैयार की जाने लगी है। यही कारण है कि लोग बिजली के निजीकरण की मांग उठा रहे हैं।
अधिशासी अभियंता मीटर का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में आ गया है। इस संबंध में एई मीटर को जांच सौंपकर, सात दिन के अंदर जांच आख्या मांगी गई है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।