हापुड़। अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत ने किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म के अभियुक्त को दोषी करार देते हुए बीस वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
गढ़मुक्तेश्वर थाना क्षेत्र के गांव निवासी व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि उसकी 11 वर्षीय पुत्री गांव के मदरसे में पढ़ती है। 13 अगस्त 2022 को दिन में करीब 11 बजे वह मदरसे से लापता हो गई। उसने मदरसे पर जाकर पता किया तो जानकारी हुई कि उसकी पुत्री के साथ मदरसे में पढ़ने वाला अकबर भी लापता है। सुबह करीब 8 बजे अकबर ने फोन कर बताया कि उसकी लड़की उसके पास है और वह उसको पहुंचा देगा। इस पर पूरा यकीन हो गया कि मदरसे में पढ़ने वाला अकबर ही उसकी पुत्री को बहला फुसलाकर ले गया है। पीड़ित ने अंदेशा व्यक्त किया कि पुत्री के साथ कोई अनहोनी घटना हो सकती है।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर किशोरी को बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने अकबर के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। बुधवार को दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश(पाॅक्सो एक्ट) ज्ञानेंद्र सिंह यादव ने निर्णय सुनाते हुए अकबर को 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने की दशा में 2 माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा । पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के अनुसार पीड़िता को पुनर्वास के लिए एक लाख रुपये की प्रतिकर धनराशि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हापुड़ द्वारा देय होगी।